Month: August 2025

पर्यावरणविद् डॉ. खुशालसिंह पुरोहित वन विभाग मंत्रालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के मानद सदस्य मनोनीत

भोपाल, 24 अगस्‍त। मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग मंत्रालय ने उच्च न्यायालय, जबलपुर के आदेशों के अनुपालन में सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति वृक्ष प्रजातियों से संबंधित अधिसूचनाओं का अध्ययन कर एक माह में…

NCERT module : विभाजन की अपूर्ण कथा और इतिहास की चुनिंदा प्रस्तुति

भारत विभाजन की त्रासदी को लेकर सत्ता समर्थक लेखक और एनसीईआरटी का नया मॉड्यूल इतिहास को अधूरा व पक्षपाती रूप में पेश करते हैं। हिंदू महासभा-आरएसएस की भूमिका गायब है, नेहरू–पटेल का असमान चित्रण है और अंग्रेज़ों की जिम्मेदारी को…

शहर के 200 साल पुराने पांच धरोहर पेड़ संरक्षित होंगे, महापौर ने की घोषणा

सेवा सुरभि के पौधरोपण एवं सफाईकर्मियों सम्मान समारोह में हुई घोषणा इंदौर, 17 अगस्त। इंदौर के पांच प्राचीन वृक्षों को नगर निगम अब धरोहर पेड़ का दर्जा देकर संरक्षित करेगा और उनके आसपास का क्षेत्र विकसित करेगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव…

अंतरराष्‍ट्रीय : ‘नो किंग्स’ ने नकार दिया ट्रम्प को

लोकतंत्र के अलमबरदार माने जाने वाले भारत सरीखे देश में किसी को ‘नो किंग्स’ आंदोलन की कोई खास खबर नहीं है, जबकि आम नागरिकों के इसी विरोध प्रदर्शन ने सर्वशक्तिमान माने जाने वाले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की खुद उनके…

आजादी पर्व : क्‍या बोल के लब आजाद है तेरे?

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक महिलाओं ने साहस, त्याग और नेतृत्व से देश का गौरव बढ़ाया है। रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, सरोजिनी नायडू से लेकर निर्मला सीतारमण और पीवी सिंधु तक, स्त्रियों ने हर क्षेत्र में अपनी छाप…

स्वतंत्रता दिवस : स्वराज्य से स्वधर्म तक

लगभग आठ दशकों की आजादी के बाद हम कहां, कैसे और किन हालातों में पहुंचे हैं? यदि कोई कभी इन सवालों के जवाब जानना चाहे तो उसे उन सपनों को खंगालना पड़ेगा जो हमने अपनी आजादी के बरक्स बुने थे।…

स्‍वतंत्रता दिवस : लोकतंत्र का मौजूदा सच !

अपने-अपने देश-काल के बरक्स हम अपने-अपने लोकतंत्र को चुनते, समझते और वापरते हैं, लेकिन क्या यह वही सर्व-जन-हिताय लोकतंत्र होता है जिसके भरोसे दुनिया के हम अधिकांश निवासी अपनी-अपनी वैतरणी पार करने के मंसूबे बांधते हैं? एक-दूसरे को नेस्तनाबूद करने…

Independence day 2025 : कुहासे में लोकतंत्र

आजादी के नतीजे में हमें जो सर्वाधिक काम की बात मिली है, वह है लोकतंत्र, लेकिन क्या हम उसे ठीक तरह से वापर रहे हैं? क्या आज, 78 साल बाद एक देश, एक समाज और एक राज्य की हैसियत से…

कार्पोरेट लूट और भूमि कब्ज़ा के खिलाफ किसानों की राष्ट्रपति से गुहार

देशभर के संगठनों ने भेजा पत्र, राष्ट्रीय एकता दिवस पर उठी आवाज़ नई दिल्ली, 13 अगस्त। भूमि अधिकार आंदोलन के आह्वान पर देशभर के किसान संगठनों, जन आंदोलनों और मानवाधिकार समूहों ने आज राष्ट्रपति को पत्र भेजकर प्राकृतिक संसाधनों की…

संसद में आज : देश में ई-कचरा प्रबंधन के लिए सख्त नियम लागू, ई-कचरे का वार्षिक उत्पादन 14 लाख टन के करीब

सदन में पूछे गए एक सवाल के जवाब में आज पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि देश में ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अनुकूल प्रबंधन के लिए ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022…