तकरीबन साढ़े चार बिलियन लोगों को भूखा मरने पर बाध्य जिस समय पर दुनिया की “एक पीढ़ी” सबसे खराब भूख संकट का सामना कर रही है, उसी एक समय पर अमीर देशों ने बस अपने मुनाफे को देखा है। कोविड…
सभी जानते हैं कि वाष्पीकरण के चलते बादल बनते हैं और बरसात होती है, लेकिन क्या ये बादल विशेष प्रकार की पत्तियों वाले जंगलों में भी बन सकते हैं? खासकर उन जंगलों में जो वाष्पीकरण वाले तटीय इलाकों से बहुत…
भंवरलाल और कन्हैयालाल की हत्याओं को सत्ता की राजनीति के लिए धार्मिक उन्माद का शोषण करने की बेलगाम प्रवृत्ति की हिंसक परिणति के रूप में भी देखा जा सकता है। नूपुर शर्मा की टिप्पणियाँ भी हरिद्वार जैसे धार्मिक जमावड़ों और…
पी. गोपीनाथन नायर के निधन पर गांधी संस्थाओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि तिरुवनंतपुरम । गांधीवादी विचारक, स्वतंत्रता सेनानी और पद्मश्री से सम्मानित गांधी शांति प्रतिष्ठान के आजीवन सदस्य कार्यकर्ताओं के अंतिम स्तम्भ, सर्वोदय परिवार के वरिष्ठ साथी, स्वतंत्रता सेनानी, भूदान…
भोपाल. 2 जुलाई । भोपाल के गांधी भवन न्यास में दो दिवसीय गांधीजन सम्मेलन का आयोजन 1 व 2 जुलाई को किया गया। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के गांधीजनों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुई।…
आज के दौर में भारत की अधिकांश कामकाजी आबादी युवा है, लेकिन उसे हम उपयुक्त रोजगार मुहैय्या नहीं करवा पा रहे। नतीजे में वह आज्ञाओं, आदेशों की दम पर खडी जमातों का हिस्सा बनकर तरह-तरह की वैध-अवैध गतिविधियों में लग…
लगभग पांच दशक पहले इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया आपातकाल सत्ता के लिए निजी हुलफुलाहट के अलावा राज्य के सर्वशक्तिमान बनते जाने को भी उजागर करता है। क्या होता है, जब राज्य सारे जहां की वैध-अवैध शक्तियां अपने तईं जमा…