Month: July 2022

विकास : विनाश के विरोध में ‘यूरोपीय संघ’

आधुनिकता के तमाम फायदे उठाने और नतीजे में उससे पैदा हुई बदहाली को भुगतने के बाद ‘यूरोपीय संघ’ ने अब कानून बनाकर विकास की धारा को पलटने की कोशिश की है। बरसों से नदियों पर विशालकाय बांध खडे करने, जल-जंगल-जमीन…

देशभर से 1,400 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं व नागरिकों द्वारा मेधा पाटकर और नर्मदा अभियान ट्रस्टियों के खिलाफ मनमानी FIR वापस लेने का आह्वान

14 जुलाई, 2022: जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (NAPM) द्वारा शुरू की गई याचिका पर 23 से अधिक राज्यों के 1,400 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और नर्मदा नव निर्माण अभियान (NNNA) के अन्य ट्रस्टियों…

टिप्पणी : किस्सों की ‘रेत-समाधि’

डेढ़ महीने पहले हिन्दी की लेखिका गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘रेत समाधि’ के अंग्रेजी अनुवाद ‘टूम ऑफ सैंड’ को ‘अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार’ से नवाजा गया है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित होने वाला किसी भारतीय भाषा का यह पहला उपन्यास…

अनेक जनसंगठनों ने की नर्मदा नव निर्माण अभियान के ट्रस्टियों पर लगाए गए बेबुनियादी आरोपों की कड़ी निन्दा

मेधा पाटकर व 11 ट्रस्टियों के खिलाफ की गई एफ़आईआर खारिज करने की मांग बडवानी। मेधा पाटकर और नर्मदा नव निर्माण अभियान के ट्रस्टियों के खिलाफ हुई एफआईआर को लेकर देशभर के 30 से अधिक जनसंगठनों और संस्‍थाओं ने कड़ी…

हमारा पैसा हमारा हिसाब : वापस आया बिजली संशोधन बिल

किसानों के लंबे आंदोलन की वजह से बिजली बिल को वापस ले लिया गया था। लेकिन अब सरकार इसे पार्लियामेंट के अगले सत्र में वापस लाना चाहती है। किसानों के साथ किए गए वादे को भूल कर, इस बिल के…

मेधा पाटकर एवं अन्य 11 ट्रस्टियों पर दर्ज फर्जी एफआईआर रद्द करे सरकार

 2007 में सर्वोच्च न्यायालय ने पाया था झूठे आरोपों को बेबुनियाद ज्ञातव्‍य है कि प्रीतम राज बड़ोले नामक युवक की शिकायत पर बड़वानी कोतवाली पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जिसमें…

पानी और पैट्रोल उलीचने से धंसते शहर

भू-गर्भीय पानी और जीवाश्म ईंधन के असीमित दोहन ने अब शहरों को धंसने की हालत में ला दिया है। देश-दुनिया के अनेक शहर आज धंसने की कगार पर हैं, लेकिन इसे लेकर कोई खास चिंता नहीं की जा रही। नदी…

सामयिक : राज्य की हिंसा बनाम समाज की हिंसा

सेना में चार साल की भर्ती के लिए प्रस्तावित ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर खासतौर पर युवाओं में बवाल मचा है। क्या यह हिंसक प्रतिरोध पिछले सालों के सरकार के व्यवहार का प्रतिफल नहीं है? सरकार इसी योजना को सबसे बातचीत…

बहुत गुस्से में है अदालत !

क्या अदालत वह सब देख ही नहीं पा रही है जो सारा देश देख रहा है : संवैधानिक संस्थाओं को निकम्मा बनाना, कानूनों पर बुलडोजर चलाना, संसद को जी-हुजूरों की भीड़ में बदलना, मीडिया को खरीद कर कायर बना देना,…