समाचार

इंदौर में नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध न हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक

इंदौर में नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध न हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक

सभी को पीने के स्वच्छ पानी का अधिकार मिले : जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश इंदौर, 1 जनवरी।  ‘’स्वच्छ शहर” के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर में नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध न हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण...

सभी को पीने के स्वच्छ पानी का अधिकार मिले : जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश

इंदौर, 1 जनवरी।  ‘’स्वच्छ शहर” के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर में नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध न हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियाँ न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त जीवन के अधिकार का भी प्रत्यक्ष उल्लंघन करती हैं। यह स्थिति नगर निगम की बुनियादी जिम्मेदारियों में गंभीर चूक की ओर इशारा करती है।

मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट और म्यूनिसिपल एक्ट के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना नगर निगम का दायित्व है। इसके बावजूद इंदौर के कुछ इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति से उत्पन्न हालात ने एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले लिया है।

इसी संदर्भ में जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश के अमूल्य निधि, सुधा तिवारी, राजकुमार सिन्हा, डॉ. जी डी वर्मा,  राहुल यादव ने बताया कि नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजकर इस गंभीर मामले में त्वरित हस्तक्षेप और कठोर कार्रवाई का आग्रह किया गया है। दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण कई लोग गंभीर रूप से बीमार हुए हैं और अब तक कम से कम 14 लोगों की मृत्यु की सूचना है, जबकि अनेक घरों में सैकड़ों नागरिक बीमार पड़े हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अभियान ने शासन से प्रभावित क्षेत्रों में दूषित जल आपूर्ति तत्काल बंद करने, वैकल्पिक सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्वतंत्र एवं प्रमाणित प्रयोगशालाओं से जल गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने, सभी पीड़ितों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था करने तथा मृतकों के परिजनों को प्रति मृतक 35 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पाइपलाइन सुधार, सीवेज पृथक्करण और जल शोधन प्रणालियों को मजबूत करने की समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक करने तथा वार्ड स्तर पर नियमित जल गुणवत्ता निगरानी और सार्वजनिक सूचना प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया है।

स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। इस मामले में किसी भी प्रकार की देरी न केवल प्रशासनिक असंवेदनशीलता को दर्शाएगी, बल्कि और अधिक जनहानि का कारण भी बन सकती है।

जुड़ें - हमारे व्हाट्सएप चैनल से

सप्रेस मीडिया - नवीनतम आलेख, रिपोर्ट, समाचार अपडेट सीधे अपने व्हाट्सएप पर प्राप्त करें।

व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें →

निष्पक्ष पत्रकारिता का समर्थन करें

आज के दौर में निष्पक्ष, स्वतंत्र और जन-सरोकार की पत्रकारिता को जीवित रखना बड़ी चुनौती है। विज्ञापनदाताओं और कॉर्पोरेट के दबाव से मुक्त होकर आप तक सही और सटीक खबरें पहुंचाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। हमारी स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए आपके आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है। आपकी दी हुई छोटी-सी सहयोग राशि हमें सच्ची पत्रकारिता करते रहने का संबल देगी।

सहयोग राशि →

नवीन आलेख