Supreme Court

लोकतंत्र : सत्ता का चहेता ‘चुनाव आयोग’

केन्द्र की सत्ता पर काबिज पार्टियों की मनमर्जी से मनचीते चुनाव आयुक्तों की बहाली पर अब सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले से रोक लगने की संभावना है,लेकिन क्या यह मौजूदा राजनीतिक जमातों के चलते संभव होगा? क्या बेलगाम लोकतांत्रिक…

सर्वोच्च न्यायालय में चुनाव में मुफ्त घोषणाओं के मुद्दे पर दिलचस्प बहस

श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था के पतन की हालिया खबरों ने भारत के राज्यों की भूमिका पर एक नई बहस को जन्म दिया है। श्रीलंका की सरकार ने सभी के लिये करों में कटौती और विभिन्न मुफ्त वस्तुओं एवं सेवाओं के वितरण जैसे…

न्याय व्यवस्था में काफी सुधार आवश्‍यक

न्यायाधीशों की नियुक्तियों में सर्वोच्च न्यायालय एवं केन्द्रीय सरकार के मध्य निरंतर टकराव चलता रहता है। विचाराधीन बड़ी संख्या के प्रकरणों के अंबार को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय, न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि करने के लिए आग्रह करता रहा है…

किसान आंदोलन : एक बार फिर बकासुर

वैसे देखा जाए तो बकासुर की यह कथा विज्ञान और तकनीक पर न्यौछावर विद्वानों से लेकर अहर्निश भक्तिभाव में डूबे धर्म-प्राणों तक सभी में कमोबेश मौजूद रहती है। सभी को लगता है कि संकट या समस्या का एकमात्र इलाज केवल…

प्रशांत भूषण और सुप्रीम कोर्ट की अवमानना

ख्‍यात वकील प्रशांत भूषण पर सुप्रीमकोर्ट द्वारा ‘सुओ मोटो’ यानि अपनी पहल पर अवमानना का प्रकरण दर्ज करने और उस पर सुनवाई करके उन्‍हें दोषी करार देने ने देशभर में बवाल खडा कर दिया है। इसमें एक तरफ आजादी के…

स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार तथा विविधता पूर्ण विचारों की रक्षा करना हमारी प्रतिबद्धता

20 राजनैतिक दलों के  वरिष्ठ नेताओं ने  प्रशांत भूषण के साथ एकजुटता  जाहिर की प्रशांत भूषण पिछले तीन दशकों से संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्षरत रहे हैं, इसके बावजूद उनके ट्वीट को सकारात्मक आलोचना की जगह बदनियति पूर्ण…

पिता की सम्‍पत्ति में बेटियों की भागीदारी

पिता की सम्‍पत्ति में बेटियों की बराबरी की हिस्‍सेदारी को लेकर 2005 में बने कानून को हाल में सुप्रीम कोर्ट ने फिर से पुष्‍ट किया है। इस कानून को लेकर तरह-तरह की नकारात्‍मक- सकारात्‍मक बातें उठ रही हैं। ऐसा नहीं…

अब हिंदी में भी मिल सकेंगे सुप्रीम कोर्ट के फैसले

अदालतों में हिंदी और स्थानीय भाषाओं में कार्रवाई की मांग को लेकर बरसों से बहस चलती रही है, लेकिन अब सुप्रीमकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पहल पर इसे मंजूर किया गया है। न्याय की आस में अदालतों के दरवाजे ठक-ठकाते…