वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को सरकार ‘विकसित भारत’ की दिशा में दीर्घकालिक सोच का दस्तावेज़ बता रही है, जबकि विपक्ष ने इसे दिशाहीन करार दिया है। लगातार नौवीं बार बजट पेश कर इतिहास रचने वाली…
सम्पत्ति बढ़ाने की जुगत में सरकारें बीमा और बैंकों में लगी आम लोगों की पूंजी को बाजार के हवाले कर रही हैं। अब यह कारनामा कर्मचारियों की भविष्य निधि तक पहुंच गया है। ऐसा करने के लिए पारदर्शिता, आसान प्रक्रिया…
बच्चों के प्रति अपने स्नेह और विश्वास के कारण पंडित जवाहरलाल नेहरू भारतीय बाल-चेतना के सबसे बड़े संरक्षक माने जाते हैं। उनके जन्मदिवस 14 नवम्बर का ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाना इसी भावना का प्रतीक है। नेहरू का…
भोपाल, 25 अगस्त। उच्च शिक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए स्कालर शीप के नवीनीकरण की एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रतिष्ठित अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप Azim Premji Scholarship 2025-26 का लाभ ले रहीं छात्राएँ अब आगामी शैक्षणिक सत्र…
इंसान का आपस में साथ रह पाना कितना कठिन होता जा रहा है? क्या एक-दूसरे के बीच का फासला इतना गहरा हो गया है कि युद्ध के बिना इसे पाटा नहीं जा सकता? इसी मानवीय कमजोरी की पड़ताल करता विवेकानंद…
हाल ही में केन्द्र सरकार ने बहु-चर्चित जाति जनगणना की तारीखों की घोषणा कर दी है। विपक्षी दलों की इस प्रमुख मांग पर भारी ना-नुकुर के बाद हामी भरने वाली सत्तारूढ़ भाजपा इसे चुनावी जीत की गारंटी मानती है, लेकिन…
हर साल बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों के बाद मीडिया में रिकॉर्ड तोड़ अंकों की बाढ़ सी आ जाती है। छात्र-छात्राएँ 100 में 100 लाकर ‘उत्कृष्टता’ के प्रतीक बन जाते हैं। लेकिन इस होड़ में क्या हम शिक्षा के असल उद्देश्य…
वर्ष 2024-25 में 25,000 छात्राओं को मिली अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप बेंगलुरु, 15 मई। अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन ने देश की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप’ की घोषणा की है। इस योजना के…
कुछ साल पहले हमारे जीवन को आसान बनाने की खातिर आए मोबाइल फोन ने अब अपनी तकनीक से कई तरह के संकट खड़े कर दिए हैं। इनमें से एक है, ‘ऑन लाइन गेमिंग’ जिसने बच्चों तक को अपनी चपेट में…
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ (8 मार्च) वैसे तो बेहतर स्वास्थ्य समूचे समाज की बुनियादी जरूरत है, लेकिन महिलाओं के लिए इसकी खासी अहमियत है। अव्वल तो वे अपने भीतर जीवन रचती हैं, नतीजे में उनकी शारीरिक बनावट बेहद पेचीदी रहती है। दूसरे, हमारे…