Economy

अर्थनीति का नया छलावा : स्वदेशी की ओट में पूँजी का खेल

देश में जीएसटी घटाने की चर्चा “स्वदेशी” के नाम पर हो रही है, पर असल में यह कदम गरीबों पर पड़े कर के बोझ को घटाने की बजाय बड़े पूँजीपतियों को राहत देने जैसा है। स्वदेशी का अर्थ आत्मनिर्भरता, समानता…

असहिष्णुता है, ‘टैरिफ युद्ध’ की वजह

खेल की तरह व्यापार भी स्वस्थ्यय प्रतिस्पर्धा की बुनियाद पर चलता है, लेकिन यदि यह प्रतिस्पर्धा दुश्मनी में बदल जाए तो क्या हो? छह महीने पहले सर्वशक्तिमान अमरीका के राष्ट्रपति बने डोनॉल्ड ट्रंप ने जिस तरह से दुनियाभर में ‘टैरिफ…

भारतीय अर्थव्यवस्था : जादूगर का अर्थशास्त्र

‘नमस्ते ट्रंप,’ ‘अबकी बार, ट्रंप सरकार’ और ‘माई फ्रेंड डोनॉल्ड’ की गलबहियों से छिटककर ‘लाल आंखें’ दिखाने वाले चीन और रूस की चापलूसी आखिर उसी अर्थ-नीति की देन है जो हमारे आम, गरीब-गुरबों को आए दिन रुलाती रहती है। क्या…

विचार : भविष्य में युवा राष्ट्र से कहीं बूढ़ा भारत न बने!

देश की जनसंख्या को लेकर कोई भी टिप्पणी प्रतिक्रिया की वजह बनती है। हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हर परिवार को तीन बच्चे पैदा करना चाहिए। इसके पीछे भी उन्होंने एक कारण बताया। संभव है…

गांधीजी की दृष्टि और पश्चिम एशिया का संकट

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब अमीर ‘मित्र-राष्ट्र’ दुनिया का हिस्सा-बांटा कर रहे थे, भारत में महात्मा गांधी शांतिपूर्ण, अहिंसक और दोस्ताना दुनिया के भविष्य की जुगत बिठा रहे थे। क्या 80-85 साल पहले दुनिया के सत्ताधारियों, खासकर पश्चिम एशिया के…

बैल से खेती : राजस्थान की पहल का स्वागत है

कई बार सरकारें भी जनहित में कारगर फैसले ले लेती हैं। हाल में बैलों की खेती को प्रोत्साहन देने का राजस्थान सरकार का फैसला इसी तरह का है। ध्यान से देखें तो बैलों से की जाने वाली खेती का अर्थशास्त्र…

अमीरी के मापदंड : अमरीका और यूरोप में कौन बेहतर?

दुनिया भर में सम्पन्नता मापने का प्रचलित पैमाना ‘सकल घरेलू उत्पाद’ (जीडीपी) ‘आर्थिक वृद्धि दर’ से ही उपजा है, लेकिन क्या यह किसी देश की वास्तविक सम्पन्नता को उजागर कर सकता है? इसी पैमाने पर अमरीका को यूरोप से अधिक…

विकास : ‘मरीचिकाओं’ के महारथी

कहा जाता है कि राजनीति का कुल मतलब ‘रोटी’ और ‘सर्कस’ होता है, लेकिन लगता है, मौजूदा सत्ता केवल ‘सर्कस’ को ही अहमियत दे रही है। नतीजे में एक तरफ भुखमरी, बेरोजगारी, बीमारी जैसी व्याधियां हैं, तो दूसरी तरफ, रोज…