नई दिल्ली, 19 सितंबर। जवाहर भवन में शुक्रवार को ‘एक कदम गांधी के साथ–पदयात्रा, कारवां प्यार का’ डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रीमियर आयोजित किया गया। सर्व सेवा संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली की सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग, छात्र-छात्राएं और पदयात्रा में शामिल रहे साथी उपस्थित रहे। फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों ने इसकी सराहना की। सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

करीब 30 मिनट की यह डॉक्यूमेंट्री वाराणसी के राजघाट से दिल्ली के राजघाट तक हुई 56 दिवसीय और करीब 1,000 किलोमीटर की पदयात्रा पर आधारित है। फिल्म में यात्रा के अलग-अलग पड़ावों, रास्ते में हुए संवादों, लोगों से मुलाकात और पदयात्रियों के अनुभवों को दस्तावेजी रूप में प्रस्तुत किया गया है।
उल्लेखनीय है कि यह पदयात्रा 2 अक्टूबर 2025 को गांधी जयंती के अवसर पर वाराणसी के राजघाट से शुरू हुई थी और 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर दिल्ली में समाप्त हुई। यात्रा गोपीगंज, प्रयागराज, कुंडा, रायबरेली, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, इटावा, आगरा, मथुरा-वृंदावन, फरीदाबाद आदि स्थानों से होकर दिल्ली तक निकली थी। यात्रा में करीब 110 पड़ाव रखे गए थे।
यात्रा के दौरान गांधी, विनोबा और जयप्रकाश नारायण के विचारों, सामाजिक सद्भाव, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर लोगों के साथ संवाद किया गया। पदयात्रा के दौरान इसे केवल किसी एक मुद्दे से जुड़ा अभियान न मानकर लोकतांत्रिक अधिकारों और समाज में सद्भावना को मजबूत करने की पहल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया।
यात्रा में 16 राज्यों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही थी। अलग-अलग पड़ावों पर स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यात्रियों का स्वागत किया तथा संवाद और छोटी सभाओं के आयोजन हुए।
100 घंटे से अधिक फुटेज को 30 मिनट की फिल्म में बदला
डॉक्यूमेंट्री के निर्माण में नई दिल्ली स्थित Sparrow Communication की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पदयात्रा के दौरान रिकॉर्ड किए गए 100 घंटे से अधिक के फुटेज को करीब 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री में संपादित किया गया है। फिल्म के संपादन का काम मोहम्मद फरमान ने किया, जबकि संजय कुमार ने सुपरविजन की जिम्मेदारी संभाली।
फिल्म की कैमरा टीम में कौशल कुशराम, ऋतिक दावर, अन्नू सारथी, रेवा सोलंकी और विकास कुमार ने योगदान दिया। फिल्म में शामिल साक्षात्कारों के समन्वय में गौरव पुरोहित की भूमिका रही। श्वेता ने वॉयस ओवर दिया, जबकि पटकथा लेखन में अरविंद अंजुम और विकास कुमार शामिल रहे।
स्क्रीनिंग के बाद चंदन पाल, अमित सौम्य, जय मौर्या और गौरव पुरोहित ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर Sparrow Communication से जुड़े संजय और हर्ष को चंदन पाल ने खादी अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन सर्व सेवा संघ के मंत्री अरविंद अंजुम ने किया। फिल्म की स्क्रीनिंग से पहले जसवीर सिंह ने गीत प्रस्तुत किया।