लखनऊ पहुंची यात्रा : गांधीवादी तरीकों से ही दुनिया में वास्तविक बदलाव संभव है

वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा का 18 वां दिन

लखनऊ | 19 अक्टूबर । वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा 18 वें दिन सेनानी विहार तेली बाग से होते हुए कैंटोनमेंट क्षेत्र के माध्यम से जय नारायण डिग्री कॉलेज पहुंची। वहाँ कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

कॉलेज के प्रिंसिपल श्री विनोद चंद्रा ने पदयात्रा का स्वागत करते हुए अपना अभिभाषण दिया। उनके साथ गांधीवादी शिक्षक अंशुमाली शर्मा, छात्र नेता रोहित कश्यप एवं मनोज तिवारी उपस्थित रहे। शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से शहर अध्यक्ष शहज़ाद आलम, अमित त्यागी, एडवोकेट अज़हर तथा कांग्रेस बौद्धिक प्रकोष्ठ से संपूर्णानंद मिश्रा, राजेंद्र पांडेय, शाहिद अली आदि भी उपस्थित रहे। कैप्टन वंशीधर मिश्र ने भी पदयात्रियों का स्वागत किया।

स्वागत के उपरांत नंदलाल मास्टर एवं उनकी टीम ने “एक हमारी, एक है उनकी” गीत प्रस्तुत किया। यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए सर्व सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदन पाल ने कहा कि इस यात्रा का मूल संदेश सत्य, अहिंसा, संविधान और लोकतंत्र पर संवाद स्थापित करना है।

प्रिंसिपल विनोद चंद्रा ने कहा कि गांधी केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के महामानव हैं। महाराष्ट्र लातूर से आए सर्वोदय समाज के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ रोड ने मार्टिन लूथर किंग और बराक ओबामा का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीवादी तरीकों से ही दुनिया में वास्तविक बदलाव संभव है। महाराष्ट्र सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष रमेश दाणे, विद्याधर मास्टर, एन.ए.पी.एम. की नेता रिचा सिंह एवं श्यामधर तिवारी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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इसके बाद यात्रा जय नारायण डिग्री कॉलेज से विधान सभा मार्ग होते हुए हज़रतगंज स्थित महात्मा गांधी पार्क पहुँची। वहाँ गांधी जी की प्रतिमा पर सभी पदयात्रियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किए।

इस अवसर पर यात्रा के संयोजक रामधीरज ने कहा, “हम गांधी की विरासत को बचाने निकले हैं। साबरमती आश्रम, गुजरात विद्यापीठ और सर्व सेवा संघ परिसर, बनारस राजघाट पर सरकार द्वारा किए गए जबरन कब्ज़े के विरोध में यह सत्याग्रह है।” उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य सांप्रदायिक सद्भाव बढ़ाना, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना और हर कीमत पर लोकतंत्र को बचाना है।

गांधी प्रतिमा के समक्ष बनारस में लिए गए संकल्प को दोहराते हुए सत्याग्रहियों ने कहा, “हम न तो अपने घर में मरेंगे, न अस्पताल में – बल्कि सड़क या जेल में लड़ते हुए मरेंगे।”

पदयात्रियों ने सरदार पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा संकल्प लिया कि गांधी के अस्पृश्यता निवारण एवं दलित सम्मान के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

इस दौरान कुलदीप सिंह चौहान ने “हम देखेंगे” गीत प्रस्तुत किया। लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा, प्रसिद्ध कवि डॉ. नरेश सक्सेना, पूर्व आई.ए.एस. हरीशचंद्र एवं अनीस अंसारी, सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार राजीव ध्यानी, मिराज अली खां तथा गोंडा से ब्रजेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।

हज़रतगंज से आगे बढ़ते हुए पदयात्रा परिवर्तन चौक पहुँची, जहाँ सभी समाज परिवर्तन के अग्रदूतों को नमन किया गया। तत्पश्चात सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा गांधी भवन पहुँची, जहाँ लालबहादुर राय ने पदयात्रियों का स्वागत किया।

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पदयात्रा में आलोक, अखिलेश, रामप्रकाश, उषा, अन्नू, नेहा, पूजा, लक्ष्मी, सलोनी, आर्यभट मोहंती, अंतर्यामी बराल, सौरभ, गौरव, अनोखेलाल, जोखन यादव, अरविंद कुशवाहा, मानिकचंद, अलीभा, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन, अरविंद अंजुम (महामंत्री, सर्व सेवा संघ), निधि, विवेक मिश्र, सचिन, विकास, लता ताई राजपूत, अजय, राहुल, प्रवीण, एम.के. साहेब एवं सुनीता वाघमारे आदि शामिल रहे।

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