‘एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा’ : संविधान और सद्भाव का संदेश लेकर आगे बढ़ती पदयात्रा

सर्व सेवा संघ की पदयात्रा — वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक पदयात्रा का  32वां दिन

मुरादगंज (औरैया), 2 नवम्बर। सर्व सेवा संघ द्वारा आयोजित ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा रविवार को अपने 32वें दिन साईं धर्मशाला से प्रस्थान कर मुरादगंज पहुँची। आयोजकों और स्थानीय सहयोगियों का आभार प्रकट करने के बाद यात्रा फतेहपुर (करम) और औरैया मार्ग से आगे बढ़ी। रास्ते में जनसंपर्क के दौरान पदयात्रियों ने संविधान, लोकतंत्र और सद्भाव के समर्थन में नारे लगाए।

यात्रा के दौरान सर्व सेवा संघ के मंत्री अरविन्द अंजुम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा,  “यह देश 26 जनवरी 1950 से किसी राजा या तानाशाह की मर्ज़ी से नहीं, बल्कि संविधान के प्रावधानों से चलता है। संविधान सबका ध्यान रखता है — अमीर-गरीब, बच्चा-बूढ़ा, महिला या किसी भी समुदाय का। दुर्भाग्य से आज़ादी के 75 साल बाद वर्तमान सत्ता संविधान को कमजोर करने पर तुली है और समाज को धर्म, जाति व भाषा के नाम पर बाँटा जा रहा है। यह पदयात्रा इसी विभाजनकारी सोच के खिलाफ और ‘संविधान, लोकतंत्र, सद्भाव और हमारी साझा विरासत’ की रक्षा के लिए निकली है।”

दोपहर में यात्रा लखनपुर (औरैया) स्थित दीपाली मैरेज हॉल पहुँची, जहाँ विश्राम और भोजन का आयोजन किया गया। विश्राम के बाद यात्रा पुनः शुरू हुई और मुरादगंज चौराहा पहुँची। यहाँ पदयात्रियों ने गीत प्रस्तुत किया “आ चल के तुझे मैं ले के चलूँ, एक ऐसे गगन के तले…”

गीत के बाद पदयात्री गौरव ने कहा, “हम इस पदयात्रा से उन विचारों को चुनौती देंगे जो गांधीजी के विचारों को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। आज समाज को धर्म के नाम पर बाँटा जा रहा है, मॉब लिंचिंग की घटनाएँ बढ़ी हैं, दलितों पर अत्याचार जारी हैं और सत्ता मौन है। हमें यह याद रखना होगा कि भारत की आत्मा सर्वधर्म समभाव में बसती है — राम और रहीम, अशफाक और बिस्मिल को कोई अलग नहीं कर सकता।”

See also  18 अप्रैल: भूदान आंदोलन के माध्यम से संत विनोबा की अहिंसक क्रांति

उन्होंने आगे कहा कि अब समय है कि जनता सरकार से जवाब मांगे — महंगाई, महिला सुरक्षा और बेरोजगारी का हिसाब।

मार्ग में यात्रा दल ने भिखेपुर चौक पर स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की और बुद्ध व बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। दिन का रात्रि पड़ाव कान्हा इंटरनेशनल एकेडमी, अजीतमल (औरैया) में हुआ।

यात्रा में स्थानीय स्तर पर सहयोग देने वालों में शामिल थे —आनंद कुशवाहा (वरिष्ठ पत्रकार), ब्रजकिशोर पांडे (पूर्व सभासद), सरिता दौरे (जिला अध्यक्ष), श्रीधर मखलू पांडे (वरिष्ठ नेता, कांग्रेस), प्रवीण गुप्ता (जिला प्रवक्ता), दिलीप तिवारी (जिला उपाध्यक्ष), देव प्रताप सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष), राजेश कुमार श्रीवास्तव (ब्लॉक उपाध्यक्ष), संतोष पांडे (नगर उपाध्यक्ष), चंद्रशेखर (वरिष्ठ नागरिक), रामानंद चौबे (प्रदेश सचिव, किसान मोर्चा), गिरीश शिखरवार (जिला अध्यक्ष, किसान मोर्चा), एहसान मोहम्मद (जिला उपाध्यक्ष), जितेंद्र सिंह (प्रदेश सचिव, बुंदेलखंड) और रेशमा (महिला कमेटी, जिला अध्यक्ष)।

पदयात्रा में शामिल प्रमुख प्रतिभागी चंदन पाल, अरविंद कुशवाहा, नंदलाल मास्टर, अरविंद अंजुम, सोमनाथ रोड़े, भूपेश भूषण, सतीश मराठा, गौरांग महापात्रा, ध्रुव भाई, विद्याधर मास्टर, श्यामधर तिवारी, जगदीश कुमार, विकास, मानिकचंद, अनोखेलाल, जोखन यादव, सरिता बहन, सिस्टर फ्लोरीन, अलीभा, अंतर्यामी बराल, सौरभ, गौरव, निधि, सुमन, प्रवीण, दीक्षा, बृजेश, टैन, सचिन, हेतवी, सत्येंद्र सिंह, देवेन्द्र भाई, सूरज माते, भागीरथी, अमर सिंह, राजकुमार द्विवेदी, राधेश्याम, दिनेश कुमार और दलपत सिंह धुर्वे आदि।

Table of Contents

नीले धुएँ की धरती : ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’

समाज और सरकार चाहे तो पर्यावरण को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण अमरीका के टेनेसी और नार्थ कैरोलीना राज्यों की सीमाओं से लगा ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’ है। करीब सौ साल पहले कानून बनाकर प्रकृति को उसके

Read More »

पर्यावरण संरक्षण : केवल पौधारोपण नहीं, जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी

विश्व पर्यावरण दिवस केवल पौधे लगाने का संदेश नहीं देता, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान करता है। जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपभोग जैसे छोटे-छोटे प्रयास

Read More »

World Environment Day : पर्यावरण संरक्षण पर टिका है भविष्य

पर्यावरण संरक्षण और संतुलन का प्रश्न आज पूरी मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित

Read More »