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प्लास्टिक से बढ़ता हृदयाघात का खतरा : पर्यावरण संवाद में सादगी और जागरूकता पर जोर

जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा पर्यावरण जन-जागरूकता सप्ताह का आगाज

इंदौर, 30 मई। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत रावत ने कहा कि हमारे जीवन में कैसे प्लास्टिक का बढ़ता इस्तेमाल पृथ्वी को नुकसान पहुँचा रहा है, इसकी कल्‍पना नहीं कर सकते। वर्ष 2018 की एक अध्‍ययन के अनुसार दुनिया भर में हार्ट अटैक से हुई 3.15 लाख मौतों में से 1.15 लाख सिर्फ भारत में हुई है, जिसकी वजह प्लास्टिक का प्रयोग था। उन्होंने लोगों से अपील की कि दूसरों की बड़ी खरीदारी देखकर प्रतिस्पर्धा न करें, बल्कि उन्हें ‘गुड फॉर यू’ कहकर अपनी ज़िंदगी में सादगी और पर्यावरण संरक्षण को अपनाएँ।

वे आज जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, इंदौर में पर्यावरण संवाद सप्ताह की शुरुआत अवसर पर बोल रहे थे। इस बार थीम है – ‘प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ सामूहिक प्रयास’। इस मौके पर आईआईटी, दिल्ली से पढ़े, पर्यावरणविद अजय कुमार एवं अधिवक्ता शील कुमार विशेष वक्‍ता के तौर पर उपस्थित थे।

मुख्य वक्ता आईआईटी, दिल्ली से पढे पर्यावरणविद अजय कुमार ने प्लास्टिक प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता बढ़ाते हुए कहा कि हमें छोटे-छोटे कदमों से बड़ा बदलाव लाना होगा। उन्होंने रोचक खेलों के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता शील कुमार ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज की सबसे बड़ी चुनौती है और इसे मिटाने के लिए हर नागरिक को जिम्मेदारी लेनी होगी।

मुख्य अतिथि पोस्टमास्टर जनरल प्रीति अग्रवाल ने कहा कि अपने ऑफिस में प्लास्टिक बुके की जगह पौधों का उपयोग शुरू किया। हम क्रांति भले न ला पाएं, लेकिन छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

प्रारंभ में समाजसेवी डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने 33वें परिसंवाद का शुभारंभ अपनी प्रार्थना से किया, जिसने पूरे माहौल में सकारात्मक ऊर्जा भर दी। उन्‍होंने साझा किया कि जब वे 1992 में रियो डी जेनेरियो में अर्थ समिट में शामिल हुईं, तब उन्होंने पहली बार सस्टेनेबल डेवलपमेंट को समझा। इंदौर के बरली ग्रामीण महिला विकास संस्थान में जीरो वेस्ट और सस्टेनेबल मॉडल तैयार किया और जिम्मी मगिलिगन सेंटर को प्लास्टिक मुक्त और प्रदूषण रहित बनाया। अपने गाँव में स्वच्छता अभियान चलाया और शादियों में प्लास्टिक की जगह स्टील के बर्तन और दोना-पत्तल का उपयोग शुरू कराया। यह बदलाव सबकी भागीदारी से संभव हुआ।

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इस मौके पर संगीत गुरुकुल, इंदौर के विद्यार्थियों ने पंडित गौतम काले के निर्देशन में भक्ति संगीत की सुंदर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन अदिति काले ने किया। अंत में वीरेंद्र गोयल ने सभी को ऑनलाइन शॉपिंग और प्लास्टिक पैक खाद्य सामग्री से दूरी बनाने का संकल्प दिलाया।

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