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चम्बल घाटी में बागियों के समर्पण से विनोबा जी का हृदय परिवर्तन हुआ

22 अगस्‍त को आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में साधिका सुश्री गंगा बहन इतिहास स्वयं को हिंसा के रूप में नहीं दोहराता है बल्कि उसका दर्शन अहिंसा में भी होता है। चंबल घाटी…

सन् 85 के पहले भी था, बांध का विरोध

नर्मदा बचाओ आंदोलन के 35 बरस ‘सरदार सरोवर’ के प्रभावितों-विस्‍थापितों को पैंतीस साल पहले पुनर्वास के जो रंगीन सपने दिखाए गए थे, ठीक उसी तर्ज पर चालीस-पैंतालीस साल पहले तवा के विस्‍थापितों को भी ललचाया गया था। विस्‍थापन के नाम…

राजनीति विचार

विश्वसनीयता : सरकार की बरकरार ,जनता की खो गई ?

इस समय कोरोना संक्रमण के दुनिया भर में प्रतिदिन के सबसे ज़्यादा मरीज़ हमारे यहीं प्राप्त होने के साथ ही सरकार को और भी ढेर सारी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इनमें चीन द्वारा लद्दाख़ में हमारे स्वाभिमान पर…

स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार तथा विविधता पूर्ण विचारों की रक्षा करना हमारी प्रतिबद्धता

20 राजनैतिक दलों के  वरिष्ठ नेताओं ने  प्रशांत भूषण के साथ एकजुटता  जाहिर की प्रशांत भूषण पिछले तीन दशकों से संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्षरत रहे हैं, इसके बावजूद उनके ट्वीट को सकारात्मक आलोचना की जगह बदनियति पूर्ण…

विचारों को आश्रमों में कैद नहीं किया जा सकता

आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर ‘विनोबा विचार प्रवाह’ अंतर्राष्ट्रीय संगीति में जस्टिस धर्माधिकारी 20 अगस्त। विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। इसे आश्रमों में कैद नहीं किया जा सकता। इसका प्रवाह निरंतर बना रहना चहिए। आरोग्य…

‘घसयारियों’ को मान दिलाने वाले त्रेपन नहीं रहे

कुछ दिन पहले उत्‍तराखंड के ख्‍यात सामाजिक कार्यकर्ता त्रेपन सिंह चौहान हमसे सदा के लिए विदा हुए हैं। प्रस्‍तुत है, उनके साथी रहे सुरेश भाई के ये संस्‍मरण। हिमालय पर्वत की तरह अपने ही स्थान पर अडिग रहने वाले त्रेपन…

एक पहल-अंधविश्वासों के खिलाफ

20 अगस्त’ : ‘नेशनल साइंटिफिक-टेम्पर दिवस’ श्याम बोहरे कई घटनाओं को देखकर हमारे मन में कई सवाल उठते होगें। उन सवालों को दबाने की बजाय उन पर और विचार करना, उन्हें और विकसित होने देना और उनसे सीख पाना एक तार्किक तरीका है जो…

हरिशंकर अग्रवाल : प्रगतिशील और प्रतिबद्ध लेखन के अथक यात्री

स्‍मृति शेष पिपरिया जैसे छोटे से कस्बे से आकंठ जैसी साहित्यिक पत्रिका का निरन्तर 48 वर्षों तक सम्पादन और प्रकाशन करने वाले जाने माने प्रगतिशील कवि हरिशंकर अग्रवाल का 18 अगस्त 2020 को देहांत हो गया l हम  बचपन से उन्हें…

उस्‍ताद अमीर खान साहेब का वह राज : जैसे उनके कंधे से कोई तानपूरा बजा रहा हो

उस्ताद अमीर खां एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने गायकी में एक नया आयाम स्थापित करते हुए संगीत की दुनिया को इंदौर घराने की देन दी। 15 अगस्त को खान साहेब का 109 वां जन्म दिन था। अमीर खान साहेब के…

समाचार

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से आरोग्य में स्वावलंबन संभव

18 अगस्‍त को विनोबा की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में भरत भाई शाह आज तक हम शरीर की बनावट को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। हमारा शरीर अपने आप में खुली हुई फार्मेसी है, जिसकी…