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सरकारी स्कूलों के बंद होने के मायने

बाजार-वाद के हल्‍ले में सरकारी अस्‍पतालों की तरह सरकारी स्‍कूलों को हम कितना भी गरिया लें, सर्वाधिक लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा की सुविधा इन्‍हीं की मार्फत मिलती है। तो फिर इन्‍हीं को बेहतर क्‍यों नहीं किया जाए? खासकर तब, जब कोविड-19 की ‘मेहरबानी’ से…

लेबनान : बारूद के ढेर से उगते इंकलाबी फूल

4 अगस्त को हुए विस्फोट के बाद से लेबनान की जनता एक तरफ अपने शहर को बनाने, खड़ा करने में जुटी है तो दूसरी तरफ वहाँ के सत्ता वर्ग को चुनौती दे रही है। आंदोलन को हिंसा और दमन भी…

भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते से टूट सकती है, किसानों की कमर

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रम्‍प की कुछ महीने पहले की भारत-यात्रा से परवान चढ़ी भारत-अमेरिकी के बीच खुले व्‍यापार समझौते की बातचीत, अब लगता है, अपनी मंजिल तक पहुंचने वाली है। लेकिन क्‍या यह समझौता भारत सरीखे तीसरी दुनिया के देश के हित…

सुब्बरावजी शिक्षक की तरह हैं, हम उनकी जीवनशैली देखकर कुछ सीख सकते हैं

डॉ. एस. एन. सुब्बराव पर केन्द्रित वेबीनार श्रृंखला में राजगोपाल पीवी मौजूदा दौर में कुछ लोगों में से भाई जी यानी डॉ. एस. एन. सुब्बराव एक हैं, जिन्होंने गांधीजी को देखा और उनके आंदोलन में भाग लिया। भाई जी ने…

ध्यान भीतरी संपदा को उजागर करने माध्यम है

विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में उषा बहन 28 अगस्त। मनुष्य जीवन में ध्यान और प्रार्थना जीवन के अभिन्न अंग होना चाहिए। व्यक्तिगत चेतना में परमात्म चेतना का आविर्भाव करना ध्यान है। ध्यान का…

एक था हरसूद

इतिहास में दशक की एक महत्‍वपूर्ण घटना की तरह दर्ज हरसूद का ‘संकल्‍प मेला’ समाप्‍त हो गया और उसी के साथ नए हरसूद या छनेरा में तब्‍दील हो गया वह हरसूद जो अपनी जीवन्‍तता, संघर्ष और आपसी भाई-चारे के लिए…

महात्मा गांधी के विचारों में रंग भरने का काम विनोबा ने किया

आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयंती पर विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में गांधी विचारक अमरनाथ भाई लखनऊ 27 अगस्त। आजादी के बाद महात्मा गांधी के विचारों में रंग भरने का काम विनोबा भावे ने किया। गांधीजी ने अपने रचनात्मक…

पीठ से उतारने का उत्‍सव

एक भरे-पूरे राज्‍य से धारा-370 हटाने और उसे दो केन्‍द्र शासित प्रदेशों में तब्‍दील करने के ठीक एक साल बाद राम-जन्‍मभूमि के भूमि पूजन ने पांच अगस्‍त को एक ऐतिहासिक दर्जा दे दिया है। क्‍या हैं, इन दोनों घटनाओं के…

शिक्षकों से एक अनुरोध

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 पिछले महीने आई ‘राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति – 2020’ को लेकर राजनीतिक दलों और शिक्षा के काम में लगे कई समूहों में बेचैनी है। वे मानते हैं कि इस नीति की दम पर शिक्षा का निजीकरण…

बिना प्रवेश परीक्षा के भी संभव है, ‘आईआईटी’ में दाखिला

कोविड-19 के इन दिनों में केन्‍द्र की जिद पर देशभर में ‘आईआईटी’ प्रवेश-परीक्षा लेने की मारामारी मची है। पश्चिम बंगाल, उडीसा जैसे कई राज्‍य इन परीक्षाओं को टालने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, विद्यार्थियों के समय बर्बाद होने…