Sarvodaya Press Service

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ट्रैफिक सिंगिंग कॉर्प की सोनाली सोनी व नींव फाउंडेशन की पंखुरी किरनप्रकाश सहित पांच समाजसेवी ‘आवाज़ अवार्ड’ से सम्मानित

“नारी एक—जिम्मेदारियां अनेक” विषय पर परिसंवाद, ईद मिलन समारोह संपन्न

इंदौर, 29 मार्च। आवाज़ ग्रुप द्वारा आयोजित ईद मिलन समारोह इस वर्ष “नारी एक—जिम्मेदारियां अनेक” थीम के साथ इंदौर प्रेस क्लब सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इंसानियत, समानता और सामाजिक सौहार्द का संदेश देना रहा, जिसमें बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल हुए।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. माला सिंह ठाकुर (प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता), पत्रकार कनुप्रिया सत्तन, प्रो. फरीदा जौहर एवं डॉ. आमना शेख उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने अपने विचारों के माध्यम से समाज में नारी की भूमिका, जिम्मेदारियों और उसके प्रति दृष्टिकोण पर गंभीरता से प्रकाश डाला।

इस मौके पर शहर के पांच समाजसेवियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए ‘आवाज़ अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में ट्रैफिक सिंगिंग कॉर्प की सोनाली सोनी, नींव फाउंडेशन की पंखुरी किरनप्रकाश, राज़ी कादरी, मुहम्मदी खिदमत ए इंसानियत वेलफेयर सोसायटी तथा जीतू बंगानी शामिल रहे। सभी को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इन सभी को अभिनंदन शहर के प्रबुद्धजनों शिवाजी मोहिते, अभ्यास मंडल के अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविंद तिवारी, कुमार सिद्धार्थ, हरेराम वाजपेयी, अनिल त्रिवेदी ने किया।

“नारी एक—जिम्मेदारियां अनेक” विषय पर बोलते हुए प्रो. फरीदा जौहर ने समाज में व्याप्त दोहरे मानदंडों पर उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई लड़का देर रात बाहर रहता है तो उसे सामान्य माना जाता है, जबकि लड़की के देर से लौटने पर सवाल उठाए जाते हैं। यह सोच बदलने की आवश्यकता है।

डॉ. माला सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि नारी की जिम्मेदारियां उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी शक्ति और प्रकृति का हिस्सा हैं, जिन पर परिवार और समाज की संरचना टिकी हुई है। उन्होंने परिवारों में संवाद की कमी को चिंता का विषय बताते हुए “मोबाइल पार्किंग” जैसी पहल अपनाने का सुझाव दिया, जिससे घर के सदस्य एक-दूसरे को समय दे सकें और आपसी समझ व सम्मान बढ़े।

पत्रकार कनुप्रिया सत्तन ने आवाज ग्रुप की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था वर्षों से समाज में प्रेम, भाईचारे और सकारात्मकता का संदेश फैलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने नारी की ममता और उसके संवेदनशील स्वरूप को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रोतागण प्रभावित हुए।

डॉ. आमना शेख ने कुरान की व्याख्या के माध्यम से महिलाओं को पुरुषों के बराबर दर्जा दिए जाने पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति विपरीत आचरण के लिए धर्म नहीं, बल्कि उसके अनुयायियों का व्यवहार जिम्मेदार है।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध कार्डियक सर्जन डॉ. मुहम्मद अली ने कुरान शरीफ की आयत के साथ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ईश्वर की नजर में स्त्री और पुरुष दोनों का दर्जा समान है और व्यक्ति का मूल्य उसके कर्मों से तय होता है।

कार्यक्रम में अतिथियों का परिचय रिजवान खान, आदिल सईद, मुश्ताक अली एवं निज़ाम अली ने कराया। इस अवसर पर सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित र समारोह की गरिमा बढ़ाई।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए आवाज ग्रुप के संयोजक शब्बीर हुसैन ने कहा कि लड़का और लड़की दोनों समाज के अभिन्न अंग हैं और दोनों के बिना समाज अधूरा है। कार्यक्रम के अंत में नसरीन हकीम ने आभार व्यक्त किया। समापन अवसर पर सभी ने पारंपरिक शिरखुरमे के साथ एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे का संदेश साझा किया।

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