समाज

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस : मूत्रालयों के लिए महिलाओं का संघर्ष

यह शर्मनाक है कि आजादी की तीन चौथाई सदी गुजर जाने के बाद भी हमारी आधी आबादी को साफ-सुथरे शौचालय तक नसीब नहीं हैं। यह बदहाली सार्वजनिक स्थलों पर इतनी तकलीफदेह हो जाती है कि मुम्बई के एक एनजीओ को…

‘राष्ट्रीय कृतज्ञता निधि’ : महिलाओं को मान देने का एक तरीका

‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ (8 मार्च) पर विशेष बरसों-बरस अपनी मां, बहन, बेटी, बीबी से ‘कुछ नहीं करती हूं’ सुनते और फिर इसी ‘कुछ नहीं’ की बदौलत जिन्दा रहते हम सब क्या इस आधी आबादी को मान देने का कोई तरीका…

NGO : समाज के लिए सेवक

सत्ता और उसके विपक्ष की राजनीतिक जमातों के अलावा समाज में एक और धारा रही है जिसे ‘गैर-सरकारी संगठन’ (NGO) या स्वयंसेवी संगठन कहा जाता है। ये समूह या संगठन समाज में राहत, सेवा, संगठन, शिक्षण और विकास के काम…

गांधीजी की पुण्यतिथि पर समाजसेवी श्री शफी शेख का हुआ आत्मीय सम्मान

समाज सेवा में समर्पित शेख को गोयल चैरिटेबल संगठन ने भेंट किया स्कूटर इंदौर, 30 जनवरी । महात्मा गांधी के बलिदान दिवस पर समाज कार्य महाविद्यालय के सभागार में निस्वार्थ भाव से समाज की विभिन्न रूपों में सेवा कर रहे…

प्रयागराज : महाकुंभ में मैत्री 

इन दिनों प्रयागराज उर्फ इलाहाबाद में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर हर बारह साल में भरने वाला महाकुंभ का मेला लगा है। ऐसे विशालकाय जमावड़े आपसी मेल-मिलाप, संवाद और सहजीवन की बुनियाद होना चाहिए, उनसे मैत्री की किरण फूटनी…

विचार : भीड़ भरी दुनिया में अकेलेपन की भीड़!

आज की भीड़ भरी दुनिया में मनुष्यों के मन में अकेलेपन का अहसास दिन दूना रात चौगुना बढ़ रहा है यह एक नयी बात है। भीड़ और अकेलापन दोनों एक-दूसरे से विरोधाभासी शब्द है। आठ अरब मनुष्यों के विचार, व्यक्तित्व…

राधा भट्ट : सम्मान से बड़ा प्रेरणादायक व्यक्तित्व

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राधा भट्ट का नाम गांधी-विनोबा युग के गांधीवादियों में प्रमुखता से शुमार किया जाता है। वर्ष 2025 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा हुई है। सम्मान से बड़ा राधा भट्ट का कद है।…

मोहन हिराबाई हिरालाल: ग्राम स्वराज के प्रेरणास्रोत

स्‍मृति शेष गांधीवादी और वन अधिकार कार्यकर्ता मोहन हीराबाई हीरालाल का 23 जनवरी 25 को नागपुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे गढ़चिरौली जिले के लेखा-मेंढा गांव में ‘मावा नाटे मावा राज’ आंदोलन के स्तंभ थे। गांधी-विनोबा के…

जंगल बढ़ेगा तो देश भी बढ़ेगा – तुलसी गौड़ा

पिछले यानी 16 दिसम्बर देश की दो हस्तियां हमसे अलविदा हो गयी एक तो प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन तथा दूसरों जंगलों का विश्वकोष कहीं जाने वाली तुलसी गौड़ा। तुलसी गौड़ा का नाम ही हिन्दुओं के पवित्र एवं पूजनीय…

भूली-बिसरी उम्मीदें – पत्रकार रामेश्वरी नेहरू

आजादी के आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी के अनेक उदाहरणों में से एक हैं – रामेश्वरी नेहरू जिन्होंने करीब एक शताब्दी पहले अपनी पत्रिका ‘स्त्री दर्पण’ की मार्फत देश, खासकर महिलाओं में अलख जगाई थी। हाल में उनकी स्मृति में…