वाद्य निर्माण : मिरज में मौजूद है, सितार को ‘जन्म’ देने की परंपरा
सितार समेत तरह-तरह के तार-वाद्यों के निर्माण के लिए विख्यात दक्षिण महाराष्ट्र का शहर मिरज भारतीय शास्त्रीय संगीत का केन्द्र भी है। सितार बनाने वाले शिकलगार, जिन्हें कई जगहों पर अपराधी माना जाता है, डेढ़ सौ साल पहले तक हथियार…
जाति जनगणना और पसमांदा मुसलमान
हाल ही में केन्द्र सरकार ने बहु-चर्चित जाति जनगणना की तारीखों की घोषणा कर दी है। विपक्षी दलों की इस प्रमुख मांग पर भारी ना-नुकुर के बाद हामी भरने वाली सत्तारूढ़ भाजपा इसे चुनावी जीत की गारंटी मानती है, लेकिन…
सैरनी : नायाब है, एक नदी का लौटना
पर्यावरणविद् राजेन्द्र सिंह से कुमार सिद्धार्थ की बातचीत मध्यप्रदेश–राजस्थान की सीमा पर एक आमफहम-सी, साल के अधिकांश समय सूखी रहने वाली नदी थी–सैरनी। यह इलाका डकैती के अलावा भीषण गरीबी की चपेट में है, इतनी गरीबी कि वहां बसी सहरिया…
अरुणाचल प्रदेश में मेगा डैम के विरोध में उठती आवाज़ें, मानवाधिकार कार्यकर्ता ईबो मिली पर मामला दर्ज
देश के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के सियांग ज़िले में प्रस्तावित 11,000 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना (Siyang Upper Multipurpose Project – SUMP) को लेकर स्थानीय समुदायों, पर्यावरणविदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से तीव्र विरोध सामने आ रहा…
गांधी की तपोभूमि कौसानी में शराब दुकान का विरोध तेज़ – पद्मश्री राधा भट्ट ने CM Uttarakhand को लिखा पत्र
राम दत्त त्रिपाठी उत्तराखंड की शांत और आध्यात्मिक नगरी कौसानी, जो महात्मा गांधी के अनासक्ति आश्रम , लक्ष्मी आश्रम और साहित्यकार सुमित्रानंदन पंत के लिए प्रसिद्ध है, इन दिनों एक विवाद के केंद्र में है। राज्य सरकार ने हाल ही…
वन्य जीवन : बाघों के बहाने वीरान होते गांव
पर्यावरण के पिरामिड की चोटी पर बाघ विराजता है और उस पर मंडराता कोई भी संकट दरअसल पर्यावरण पर संकट माना जाता है। जाहिर है, ऐसे में किसी भी कीमत पर बाघ और उसके लिए जंगल बचाना ‘वैज्ञानिक वानिकी’ की…
एक कैमरा, एक युग : प्रख्यात फोटो जर्नलिस्ट रोशन लाल चोपड़ा की ऐतिहासिक छवियां
तत्कालीन समय और समाज के झरोखे खोलती प्रदर्शनी नई दिल्ली, 5 मई। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) की चित्रदीर्घा दर्शनम्-2 में लगी विशिष्ट प्रदर्शनी ‘टाइमलेस मोमेंट : द आर्टिस्ट्री ऑफ आईकॉनिक फ्रेम्स’ (कालातीत क्षण: आईकॉनिक फ़्रेमों की कलात्मकता) हमें…
कृषि कंपनियों में बढ़े महिला भागीदारी
भारतीय कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, लेकिन नेतृत्व और औपचारिक रोजगार में उनकी हिस्सेदारी अब भी बेहद कम है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस असमानता को दूर करने के लिए महिलाओं को संसाधनों, प्रशिक्षण और निर्णय-निर्धारण में…
22 April World Earth Day : आत्महंता समाज की अंतहीन कहानी
विचित्र है, जिस प्रकृति-पर्यावरण की मेहरबानी से इंसान न सिर्फ जीवित है, बल्कि फल-फूल रहा है, उसी प्रकृति-पर्यावरण के प्रति इंसान में गहरी कटुता और जहर कैसे, कहां से पैदा हो गया? इतना जहर कि उसे जानते-बूझते, तिल-तिलकर मारते जरा…
सोलर टेक्नोलॉजी से क्रांति : जिम्मी मगिलिगन की सोच को वरुण ने किया साकार
जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह के छठे दिन कार्यशाला का आयोजन इंदौर, 20 अप्रैल 2025। जिम्मी मगिलिगन का जीवन स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणा है। उनकी सोच थी कि छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव…









