दशकों की माथापच्ची के बाद जिस कार्बन डाइ-ऑक्साइड के उत्सर्जन पर लगाम लगाने और नतीजे में जलवायु परिवर्तन को काबू में करने की धुंधली सी उम्मीद बनी थी, रूस-यूक्रेन युद्ध ने उसे मटियामेट कर दिया है। अब कोयले से बिजली…
अब यह कोई दुराव-छिपाव की बात नहीं रही है कि हमारे आम-फहम जीवन में लगातार गिरावट आती जा रही है और इसकी वजह भी हम खुद ही हैं। आखिर किस तरह हम अपनी इस बदहाली से पार पा सकते हैं?…
इन दिनों, छह से 18 नवंबर ’22 के दौरान, मिस्र के शर्म-अल-शेख में ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ का सालाना जलवायु सम्मेलन, कॉप-27 जारी है। इसमें दुनिया भर के करीब सौ राष्ट्र-प्रमुख बढती गर्मी और नतीजे में भीषण जलवायु-परिवर्तन पर विचार-विमर्श कर…
दुनियाभर में जलवायु-परिवर्तन के भयावह प्रभाव तबाही मचा रहे हैं और ऐसे में सभी को विकास के वैकल्पिक ताने-बाने की याद सताने लगी है। कोयला, पैट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन ‘ग्रीनहाउस गैसों’ का उत्सर्जन करते हैं और नतीजे में…
विकास के मौजूदा मॉडल के चलते हिमालय को एक ‘डूबती इकाई’ मानने वाले अनेक वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता अब भी उम्मीद कर रहे हैं कि सत्ता और सेठों की चौकडी को शायद अक्ल आ जाए और वे हिमालय में विकास को…
राम के वनवास से लौटने के उत्सव के साथ-साथ आजकल दीपावली प्रदूषण की मार से डराती भी है। नतीजे में कई राज्य सरकारें आतिशबाजी पर कडाई से रोक लगा देती हैं। सवाल है, कैसे बचा जा सकता है, पटाखों के…
विकास का मौजूदा मॉडल दरअसल विनाश को न्यौतता है, यह बात कोई दबी-छिपी नहीं रह गई है। ऐसे में कैसे हम अपने जीवन को जीने लायक बनाए रखें? हाल में बिज़नेस न्यूज-चैनल पर एक विज्ञापन देखा जिसमें बताया गया था…
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राजधानी दिल्ली से लगे नोएडा इलाके में दो बहुमंजिला इमारतों को हाल में ढहाया गया है। वजह है, इन इमारतों का भ्रष्ट तरीकों से अवैध निर्माण। एक विशालकाय इमारत की देश में पहली बार हुई…