शख्सियत

एकता परिषद : संगठन से समाज तक की यात्रा

यह जानना रोचक है कि करीब चार दशक पहले शुरु हुआ जन-संगठन ‘एकता परिषद’ अब उस समाज को अपने पैरों पर खड़ा कर पाने में सफल होता दिख रहा है जो शुरुआत में संसाधन-विहीन, निरक्षर और हाशिए पर था। यात्रा…

राष्ट्रमाता कस्तूरबा : तप, त्याग, सेवा और मातृत्व की मूर्ति

भारत की स्वतंत्रता गाथा में कस्तूरबा गांधी का नाम त्याग और तपस्या की अमर मिसाल है। 22 फरवरी 1944 को अंग्रेजों की कैद में उन्होंने प्राण त्यागे, लेकिन उनका संघर्ष, सादगी और सेवा भाव आज भी प्रेरणा देता है। राष्ट्र…

डॉ. एस. एन. सुब्बराव : श्रमसंस्कार, सेवा व मानवीय मूल्यों का प्रेरणा पुंज व्‍यक्तित्‍व

युवाओं को सेवा, श्रम और राष्ट्रभाव से जोड़ने वाले प्रख्यात गांधीवादी डॉ. एस.एन. सुब्बाराव ‘भाईजी’ का जीवन स्वयं एक चलता-फिरता संदेश था। सीमित साधनों में उन्होंने देशभर में युवा चेतना की मशाल जलाई और गांधी विचार को व्यवहार में उतारा।…

7 फरवरी जयंती : राष्ट्र-भक्ति और गांधीवादी मूल्यों के प्रतीक एस. एन. सुब्बराव

प्रख्यात गांधीवादी और सर्वोदयी नेता डॉ. एस.एन. सुब्बाराव ‘भाईजी’ युवाओं को यही जीवन-दृष्टि सिखाते थे कि हर छोटा कार्य भी देश और समाज से जुड़ सकता है। उनकी 97वीं जयंती पर सेवा, अहिंसा, सद्भाव और चरित्र-निर्माण के उनके जीवंत संदेश…

स्मृति-शेष : मार्क टुली और भारतीय पत्रकारिता के छह दशक

भारत की आत्मा को शब्द देने वाले पत्रकार मार्क टुली का निधन केवल एक व्यक्तित्व का अंत नहीं, बल्कि संवेदनशील, संतुलित और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता के एक युग का अवसान है। बीबीसी की शांत आवाज से उन्होंने भारत को दुनिया से…

प्रकृति के साथ खड़ा एक जीवन : माधव गाडगिल को नमन

पश्चिमी घाटों को बचाने की लड़ाई को वैज्ञानिक और नैतिक आधार देने वाले प्रख्यात परिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल ‘धरती पुत्र’ के नाम से पहचाने जाते थे। गाडगिल ने भारतीय विज्ञान संस्थान में पारिस्थितिकी विज्ञान केंद्र की स्थापना की और गाडगिल आयोग…

पत्रकार एवं लेखक प्रमोद भार्गव को मिलेगा नासिक में विद्योतमा सम्मान

शिवपुरी, 7 जनवरी। मध्‍यप्रदेश के वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार प्रमोद भार्गव को कहानी लेखन के क्षेत्र में “विद्योत्तमा सम्मान” से अलंकृत किया जाएगा। श्री भार्गव को उनका 2024 में प्रकाशित कहानी संग्रह “प्रमोद भार्गव की चुनिंदा कहानियां” पर दिया जाएगा।…

महेंद्र भाई : मूल्यों की विरासत और सर्वोदय की पत्रकारिता

महेंद्रभाई की 23वीं पुण्यतिथि एक ऐसे सार्वजनिक जीवन को याद करने का अवसर है, जिसमें सादगी, सेवा और नैतिक दृढ़ता केंद्रीय मूल्य रहे। सर्वोदय प्रेस सर्विस के माध्यम से उन्होंने पत्रकारिता को सत्ता के समीप नहीं, समाज के पक्ष में…

गणित को अनुभूति बनाने वाला अमर साधक श्रीनिवास रामानुजन 

भारत में 22 दिसंबर को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय गणित दिवस भारतीय बौद्धिक परंपरा और महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की असाधारण प्रतिभा का स्मरण है। यह दिवस गणित को भय नहीं, जिज्ञासा और नवाचार का माध्यम मानते हुए युवा पीढ़ी…

स्मृति शेष : संज्ञा की बजाय क्रिया के अनुपम

अनुपम मिश्र को शरीर छोड़े एक दशक हो रहा है, लेकिन पानी और पर्यावरण पर मंडराते संकटों में उनकी चेतावनी आज और तेज़ सुनाई देती है। उन्होंने बार-बार बताया कि जल की कमी प्रकृति की नहीं, समाज की असंवेदनशीलता की…