कला और संस्‍कृति

World Puppet Day : अपनी पहचान खोती कठपुतलियां

हर साल 21 मार्च को विश्व कठपुतली दिवस मनाते हैं। इस दिन का उद्देश्य कठपुतली को वैश्विक कला के रूप में मान्यता देना है। यह दुनिया भर के कठपुतली कलाकारों को का सम्मान करने का एक प्रयास है। एक समय था जब…

अभिनव राष्ट्रीय नाट्य समारोह में आलोक चटर्जी को रंग सम्मान, शकील अख़्तर को कला समीक्षा सम्मान से नवाजा जाएगा

इंदौर, 19 मार्च। आगामी 26 मार्च से तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन इंदौर में किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रतिष्ठित रंगमंच कलाकारों और लेखकों को सम्मानित किया जाएगा। अभिनव रंगमंडल (उज्जैन, इंदौर) के 39वें नाट्य समारोह…

Holi 2025 : सामाजिक समरसता का पर्व होली

होली के सांस्कृतिक महत्व का दर्शन नैतिक, धार्मिक और सामाजिक आदर्शों को मिलाकर एकरूपता गढ़ने का काम करता है। तय है, होली के पर्व की विलक्षणता में कृषि, समाज, अर्थ और सद्भाव के आयाम एकरूप हैं। इसलिए यही एक ऐसा अद्वितीय पर्व है, जो सृजन…

Eco-friendly Holi : परम्परा और प्रकृति संरक्षण के लिए जरूरी

विविधता और मान्यताएं भारतीय संस्कृति के पर्याय है। होली के दिन हर गली और हर घर रंगों में सराबोर नजर आता है। हर रंग का महत्व होता है। भारत में हर अवसर और पल के लिए एक रंग है। हर…

Rajasthan Holi 2025 : रंग बिरंगी होती है राजस्थान में होली

होली महोत्सव की विशिष्ट तिथि हर साल अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि यह हिंदू कैलेंडर में फागुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। होली के अवसर पर राजस्थान के विभिन्न शहरों  में कईं तरह के आयोजन किए जाते…

मिट्टी का मोल : सचेत और जिम्मेदार बनाने की कला

कहा जाता है कि दक्षिण एशिया में जीवन के आमफहम काम धरती पर बैठकर या उससे जुडकर ही साधे जाते हैं और नतीजे में इन इलाकों के समाजों में धीरज, सहनशक्ति और संयम सहज मौजूद रहता है। सच हो कि…

भाषाओं के संरक्षण के लिए हों गंभीर वैश्विक प्रयास

विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति व बौद्धिक विरासत की रक्षा करने, भाषायी तथा सांस्कृतिक विविधता एवं बहुभाषावाद का प्रचार करने और दुनियाभर की विभिन्न मातृभाषाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनके संरक्षण के लिए यूनेस्को द्वारा हर साल 21 फरवरी को…

इप्टा : वहाँ भी दिल धड़कते हैं मोहब्बत साँस लेती है

गुजरात में हरिशंकर परसाई के नाटक का मंचन और इप्टा का गठन विनीत तिवारी भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) द्वारा पिछले बरस ‘ढाई आखर प्रेम’ यात्रा निकाली गई और गुजरात में यात्रा को संभव करने की ज़िम्मेदारी मुझे दी गई…

प्रयागराज : महाकुंभ में मैत्री 

इन दिनों प्रयागराज उर्फ इलाहाबाद में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर हर बारह साल में भरने वाला महाकुंभ का मेला लगा है। ऐसे विशालकाय जमावड़े आपसी मेल-मिलाप, संवाद और सहजीवन की बुनियाद होना चाहिए, उनसे मैत्री की किरण फूटनी…

तीर्थाटन और पर्यटन

आजकल देश की अर्थव्यवस्था में उद्योग कहा जाने वाला पर्यटन खासी अहमियत रखता है, लेकिन क्या बरसों से हो रहे तीर्थाटन और देशाटन का आनंद इस पर्यटन से मिल पा रहा है? क्या अपने समाज और रास्ते में मिलने वाली…