कहा जाता है कि दक्षिण एशिया में जीवन के आमफहम काम धरती पर बैठकर या उससे जुडकर ही साधे जाते हैं और नतीजे में इन इलाकों के समाजों में धीरज, सहनशक्ति और संयम सहज मौजूद रहता है। सच हो कि…
विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति व बौद्धिक विरासत की रक्षा करने, भाषायी तथा सांस्कृतिक विविधता एवं बहुभाषावाद का प्रचार करने और दुनियाभर की विभिन्न मातृभाषाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनके संरक्षण के लिए यूनेस्को द्वारा हर साल 21 फरवरी को…
गुजरात में हरिशंकर परसाई के नाटक का मंचन और इप्टा का गठन विनीत तिवारी भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) द्वारा पिछले बरस ‘ढाई आखर प्रेम’ यात्रा निकाली गई और गुजरात में यात्रा को संभव करने की ज़िम्मेदारी मुझे दी गई…
इन दिनों प्रयागराज उर्फ इलाहाबाद में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर हर बारह साल में भरने वाला महाकुंभ का मेला लगा है। ऐसे विशालकाय जमावड़े आपसी मेल-मिलाप, संवाद और सहजीवन की बुनियाद होना चाहिए, उनसे मैत्री की किरण फूटनी…
आजकल देश की अर्थव्यवस्था में उद्योग कहा जाने वाला पर्यटन खासी अहमियत रखता है, लेकिन क्या बरसों से हो रहे तीर्थाटन और देशाटन का आनंद इस पर्यटन से मिल पा रहा है? क्या अपने समाज और रास्ते में मिलने वाली…
जबलपुर की ‘श्री जानकी बैंड ऑफ वुमन’ ने सुरों में पिरोई कविताएं, सस्वर गान से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध इंदौर 19 जनवरी । भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है श्री जानकी बैंड…
भाषा- शिक्षा, माध्यम और चुनौतियां विषय पर संगोष्ठी देवास, 6 जनवरी। म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन की देवास इकाई के एक प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन में भाषा- शिक्षा, माध्यम और चुनौतियों पर बात करते हुए संस्कृत और हिन्दी के ख्यात भाषा शास्त्री राधावल्लभ…
इसी हफ्ते की शुरुआत में श्याम बेनेगल का सदा के लिए विदा होना हमारे दौर के एक ऐसे युग की समाप्ति का संकेत है जिसने आजादी के बाद बनते देश की जद्दो-जेहद को अपनी फिल्मों के जरिए उजागर किया था।…
राष्ट्रभाषा प्रचार समिति,भोपाल द्वारा दिये जाने वाले सम्मान घोषित भोपाल, 4 दिसंबर। मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, हिंदी भवन, भोपाल द्वारा दिए जाने वाले वार्षिक सम्मानों की घोषणा समिति के संचालक श्री कैलाशचंद पंत ने एक विज्ञप्ति जारी करके कर…
वैकल्पिक पत्रकारिता कही जाने वाली विधा में भारत डोगरा एक जाना-माना नाम है। उन्होंने हिन्दी, अंग्रेजी के अखबारों, पत्रिकाओं में हजारों लेख और सैकडों पुस्तक-पुस्तिकाएं लिखी हैं। यह सब करते हुए, एक लेखक के रूप में उन्हें किन अनुभवों से…