कला और संस्‍कृति

भाषा विमर्श : आखिर कैसे अलग है, हिंदी से उर्दू ?

संवाद के लिए बनी भाषा आजकल फिरकापरस्ती की दुनाली बनती जा रही है। सत्ता पर विराजी भाजपा अपनी एक-आयामी नजर से खुद को छोड़कर बाकी सबको खारिज करने में लगी है। उर्दू को एक धर्म-विशेष की भाषा करार देना इसी…

बाजार की ताकतों ने कला को उत्पाद बना दिया, कलाकारों को फ़िल्म उद्योग का कच्चा माल नहीं बनना चाहिए

विश्व रंगमंच दिवस पर इंदौर में इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रसन्ना ने कहा इंदौर, 27 मार्च। प्राणी जगत में इंसान ही एकमात्र ऐसा जीव है, जो कई भूमिकाओं में रहता है। समय पर व्यक्ति को अपनी अभिनय की भूमिका से…

Theatre : रंगमंच और शांति की संस्कृति

रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और संवेदना का जीवंत प्रतिबिंब है। विश्व रंगमंच दिवस (27 मार्च), जिसे 1961 में इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट ने स्थापित किया, रंगमंच की गरिमा, प्रभाव और उसकी वैश्विक भूमिका को रेखांकित करने…

आज कला-साहित्य समाज का वास्तविक प्रतिपक्ष है: अशोक वाजपेयी

भोपाल में दीपेंद्र बघेल स्मृति व्याख्यान भोपाल,23 मार्च। चिंतक व लेखक दीपेंद्र बघेल की स्मृति में आयोजित व्याख्यान में प्रख्यात कवि और आलोचक अशोक वाजपेयी ने कहा कि हिंदी समाज कला व साहित्य से विमुख समाज में बदलता जा रहा…

‘आन गांव के सिद्ध’ हैं, ‘घर के जोगी’

पुस्‍तक समीक्षा आशीष दशोत्तर की किताब ‘घर के जोगी’ में जिन 54 कवियों, साहित्यकारों को संजोया गया है वे यूं तो दुनिया-जहान में साहित्‍य क्षेत्र के जाने-पहचाने नामधारी हैं और इस लिहाज से स्थानीय नहीं कहे जा सकते, लेकिन जब…

World Puppet Day : अपनी पहचान खोती कठपुतलियां

हर साल 21 मार्च को विश्व कठपुतली दिवस मनाते हैं। इस दिन का उद्देश्य कठपुतली को वैश्विक कला के रूप में मान्यता देना है। यह दुनिया भर के कठपुतली कलाकारों को का सम्मान करने का एक प्रयास है। एक समय था जब…

अभिनव राष्ट्रीय नाट्य समारोह में आलोक चटर्जी को रंग सम्मान, शकील अख़्तर को कला समीक्षा सम्मान से नवाजा जाएगा

इंदौर, 19 मार्च। आगामी 26 मार्च से तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन इंदौर में किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रतिष्ठित रंगमंच कलाकारों और लेखकों को सम्मानित किया जाएगा। अभिनव रंगमंडल (उज्जैन, इंदौर) के 39वें नाट्य समारोह…

Holi 2025 : सामाजिक समरसता का पर्व होली

होली के सांस्कृतिक महत्व का दर्शन नैतिक, धार्मिक और सामाजिक आदर्शों को मिलाकर एकरूपता गढ़ने का काम करता है। तय है, होली के पर्व की विलक्षणता में कृषि, समाज, अर्थ और सद्भाव के आयाम एकरूप हैं। इसलिए यही एक ऐसा अद्वितीय पर्व है, जो सृजन…

Eco-friendly Holi : परम्परा और प्रकृति संरक्षण के लिए जरूरी

विविधता और मान्यताएं भारतीय संस्कृति के पर्याय है। होली के दिन हर गली और हर घर रंगों में सराबोर नजर आता है। हर रंग का महत्व होता है। भारत में हर अवसर और पल के लिए एक रंग है। हर…

Rajasthan Holi 2025 : रंग बिरंगी होती है राजस्थान में होली

होली महोत्सव की विशिष्ट तिथि हर साल अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि यह हिंदू कैलेंडर में फागुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। होली के अवसर पर राजस्थान के विभिन्न शहरों  में कईं तरह के आयोजन किए जाते…