कला और संस्‍कृति

चंद्रकांत देवताले जन्मदिन प्रसंग 7 नवंबर को होगा अनेक कला विधाओं का संगम

कविताओं, वायलिन वादन, पेंटिंग और स्मृतियों का संगम होगा अनुपम आयोजन पानी का दरख़्त इंदौर, 5 नवंबर। समकालीन हिंदी कविता के शीर्ष कवि श्री चंद्रकांत देवताले के स्मृति में उनकी कविताओं पर आधारित एक अनूठा आयोजन ‘पानी का दरख़्त’ उनके…

देसी खिलौनों की खत्म होती चमक

कम्प्यूटर, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मार्फत फैल रहे आभासी संसार के बावजूद बच्चों में आज भी पारंपरिक खिलौनों के प्रति उत्साह बाकी है। सरकारी आंकड़े तक इसकी तस्दीक करते हैं कि भारत ने खिलौना-बाजार में खासी बढ़त बनाई है,…

भारत के कल्चर का एसेंस है सेलिब्रेशन : एम एफ़ हुसैन

जन्मदिन पर याद : बातचीत भाग -2 हुसैन साहब से जब बात करते हैं तो वे लगने ही नहीं देते हैं कि आप दुनिया के किसी बहुत बड़े पेंटर से मुखातिब हैं ! ऐसा महसूस कराते हैं जैसे किसी पहुँचे…

ज़िंदगी में ऐसा मौक़ा नहीं आया कि डर गया हूँ : एम एफ़ हुसैन

आधुनिक कला गुरुओं की श्रेणी में, एक नाम जो बीसवीं सदी की भारतीय कला का पर्याय है, वह है एम.एफ. हुसैन का। उन्होंने आधुनिक भारतीय कला के लिए एक धर्मनिरपेक्ष भाषा की कल्पना की, जिसने भारत की ‘सामंजस्यपूर्ण संस्कृति’ को…

सनातन सांस्कृतिक लोक की पुस्तकों में बढ़ती प्रस्तुति

World Book Fair 2024 Delhi विश्‍व पुस्तक मेला दर्शक संख्या की दृष्टि से दुनिया का सबसे बड़ा मेला है। इस बार मेले का क्षेत्रफल 50,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में विस्तृत कर दिया है। इसमें 40 से ज्यादा देशों के 2000…

प्रकृति के साथ जीवन जीने की कला

आज के समय की अधिकांश समस्याएं अप्राकृतिक जीवन-पद्धति ने खडी की हैं। इसे समझने और फिर प्राकृतिक जीवन जीने के लिए कुछ व्यक्तियों, संस्थाओं की पहल काबिल-ए-गौर हैं। केरल का ‘फार्मर शेयर’ और उसके अम्ब्रोज़ कूलियत उनमें से एक हैं।…

लोक गायक कालूराम बामनिया : मालवा के कबीर

‘मालवा के कबीर’ के नाम से मशहूर लोक गायक कालूराम बामनिया को पदमश्री अवार्ड से सम्मानित करने की घोषणा गणतंत्र दिवस के मौके पर की गई है। देवास जिले के टोंकखुर्द के रहने वाले कालूराम पारंपरिक निर्गुण भक्ति के गायक…

बुनकरों की बदहाली : दवा के साथ दुगना होता मर्ज

हथकरघा उद्योग आज भी रोजगार का एक कारगर साधन है, लेकिन हमारी सरकारें और उनकी नीतियां उसे अपेक्षित महत्व नहीं देतीं। नतीजे में यह उद्योग ठप्प होता जा रहा है। फिलहाल क्या हालत है, हथकरघा उद्योग की? सात अगस्त, 1905 को…

Pandit Kumar Gandharva की महिमा को भूलकर भारत भवन मना रहा उनकी जन्मशती

पंडित कुमार गंधर्व का जन्‍मशती वर्ष पंडित कुमार गंधर्व का सौवां वर्ष 8 अप्रैल 2023 से आरंभ हो गया। शती-आयोजनों की श्रृंखला ‘कालजयी’ नाम से देश के अनेक केंद्रों में आयोजित हो रहे है। इसी ऋखंला में 29-30 जुलाई 2023…

अरुंधति रॉय को 45वें यूरोपीय निबंध पुरस्कार दिये जाने की घोषणा, 12 सितंबर को स्विट्जरलैंड में मिलेगा पुरस्कार

2021 में प्रकाशित ‘आज़ादी’ नामक निबंध संकलन के फ्रेंच अनुवाद के लिए मिला सम्मान नयी दिल्ली, 18 जून। जानी मानी लेखिका अरुंधति रॉय (Arundhati Roy) को वर्ष 2023 का 45वां ‘‘यूरोपियन एसे प्राइज फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट’’ (European Essay Prize)  सम्मान…