कला और संस्‍कृति

आजादी का अमृत महोत्‍सव : स्वतंत्रता आंदोलन में होलकर कॉलेज का योगदान

आजादी के स्वतन्त्रता आंदोलन में कई ऐसे गुमनाम युवा विद्यार्थी हैं जो अपने सीमित साधनों में भी पूरी निष्ठा और समर्पण से अपने सुख, सपनों और पढ़ाई की आहुति देकर स्वतंत्रता के यज्ञ की पवित्र अग्नि को प्रज्वलित करते रहे।…

वाराणसी में ‘परंपरा की खोज’ पर हुई ज्ञान पंचायत

सुनील सहस्‍त्रबुद्धे वाराणसी के अस्सी घाट पर 1 मई 2022 को वाराणसी ज्ञान पंचायत का आयोजन हुआ. विषय था ‘परंपरा की खोज’. सन्दर्भ रहा नामवर सिंह की पुस्तक ‘दूसरी परंपरा की खोज’ जिसमें उन्होंने हजारी प्रसाद द्विवेदी के लेखन के…

पं.संजीव अभ्यंकर : समूचे अंतरंग में सुवास की सम्मोहकता और रसिक मंडली की तन्मयता

विजय बहादुर सिंह भोपाल, 25 अप्रैल। भारत भवन की दूसरी साँझ मेवाती घराना के हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत फनकार पं.संजीव अभ्यंकर के गायन से खिल उठी। न केवल खिल उठी बल्कि समूचे अंतरंग में उसकी सुवास की सम्मोहकता ने ऐसा असर डाला कि समूची रसिक मंडली…

श्रीनरेश मेहता जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत देश भर में वर्षपर्यंत होंगे साहित्यिक – सांस्कृतिक आयोजन

मध्‍यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल ने किया लोगो विमोचन इंदौर, 27 मार्च। अपने वैविध्यपूर्ण, उत्कृष्ट और गहरी सोच के लेखन से साहित्य प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले, देश के सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित श्रीयुत श्रीनरेश मेहता…

प्रमोद भार्गव को मिला उपन्यास व कहानी लेखन पर डॉ. सरोजिनी कुलश्रेष्ठ सम्मान

भोपाल । प्रसिद्ध लेखक एवं पत्रकार प्रमोद भार्गव को उपन्यास एवं कहानी लेखन के क्षेत्र में डॉ. सरोजिनी कुलश्रेष्ठ सम्मान मानस भवन के सभागार ,भोपाल में दिया गया। मध्यप्रदेश लेखक संघ द्वारा प्रतिवर्ष यह सम्मान ऐसे लेखक को दिया जाता…

चिकित्‍सक डॉ. चेतन एरन की फोटो प्रदर्शनी ने बिखेरा प्रकृति, वन्‍य जीवन और सौन्दर्य का जादू

इंदौर। पेशे से चिकित्‍सक और शौकिया तौर पर फोटोग्राफी करने वाले डॉ. चेतन एरन के चुनिंदा फोटोग्राफ्स की तीन दिवसीय प्रदर्शनी ( 11 से 13 फरवरी 2022 ) ‘फोटो थेरेपी’ प्रीतमलाल दुआ कला विथिका में रविवार को सम्‍पन्‍न हुई । इस…

हस्तशिल्प : कोविड की चपेट में ‘बाघ-प्रिन्ट’

कोविड-19 बीमारी के असर में, दूसरे तमाम छोटे-मध्‍यम-लघु उद्योगों की तरह मध्यप्रदेश के धार जिले के ‘बाघ-प्रिन्ट्स’ के कारीगर भी संकटों का सामना कर रहे हैं। पिछले दो सालों में कपडों पर की जाने वाली इस विश्व-विख्यात छापा कला की…

अद्भुत फिल्मकार सत्यजीत रे का सिनेमाई संसार

दिनेश चौधरी दीगर चीजों के अलावा कोलकाता मुझे इसलिए भी अपनी ओर खींचता रहा कि यहाँ सत्यजीत रे रहा करते थे। कोलकाता अपने किस्म का अद्भुत शहर है और सत्यजीत रे अपने किस्म के अद्भुत फिल्मकार थे। किस्से- कहानियों की…

नीलम वर्मा : विरासत को सहेजने की मुहिम

संतोष कुमार द्विवेदी भारत में कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार हाथकरघा व हस्तशिल्प उद्योग उपलब्ध कराता है। आवश्यकता इसके संरक्षण के साथ ही साथ इसे मशीनी आतंक से मुक्त कराने की भी है। नीलम वर्मा अपने सीमित संसाधनों के सहारे…

भाषा का भविष्य

भाषा की समाप्ति को डायनासोर की तरह विलुप्त हो जाने जैसी सहज, प्राकृतिक घटना मानने वाले वरिष्ठ हिन्दी-भाषियों के इस जमाने में भाषा की मौजूदा बदहाली कैसे बताई, समझाई जा सकती है? आसपास की सैकड़ों सक्रिय बोलियों और इतर भाषाओं…