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मध्य प्रदेश में जमीन अधिग्रहण मुआवजा अब चार गुना, कैबिनेट का बड़ा फैसला, नर्मदा बचाओ आंदोलन की बड़ी जीत 

मध्य प्रदेश में जमीन अधिग्रहण मुआवजा अब चार गुना, कैबिनेट का बड़ा फैसला, नर्मदा बचाओ आंदोलन की  बड़ी जीत 

किसानों और नर्मदा बचाओ आंदोलन के संघर्ष बाद सरकार ने बदला मुआवजा फॉर्मूला भोपाल, 22 अप्रैल। आज मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में फैसला लिया है कि भू-अर्जन कानून 2013 के तहत दिए जाने वाले मुआवजे में गुणांक (मल्टीफिकेशन फैक्टर)...

किसानों और नर्मदा बचाओ आंदोलन के संघर्ष बाद सरकार ने बदला मुआवजा फॉर्मूला

भोपाल, 22 अप्रैल। आज मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में फैसला लिया है कि भू-अर्जन कानून 2013 के तहत दिए जाने वाले मुआवजे में गुणांक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को 1 से बढ़ाकर 2 कर दिया है जिस कारण जमीन का मुआवजा 2 गुना हो जाएगा और इस पर भू अर्जन कानून के तहत 100% तोषण राशि मिलाकर कुल मुआवजा आकलित राशि का चार गुना हो जाएगा। सरकार का यह निर्णय किसान संघर्षों और नर्मदा बचाओ आंदोलन की एक बड़ी जीत है। आंदोलन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए माँग की है कि इस निर्णय को सन् 2014 से हुए अभी तक के सभी भू-अर्जन कार्रवाइयों पर लागू कर सभी प्रभावितों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए।

क्या है मामला?

नर्मदा बचाओ आंदोलन के आलोक अग्रवाल ने बताया कि भू-अर्जन कानून 2013 की पहली अनुसूची के क्रमांक 2 के अनुसार किसी भी किसान के आंकलित मुआवजे में एक गुणांक से गुणा किया जाएगा और यह गुणांक शहरी क्षेत्र के लिए 1 और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1 से 2 तक होगा। परंतु मध्य प्रदेश सरकार ने सन् 2014 में इस गुणांक को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी 1 ही घोषित किया जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बहुत नुकसान हो रहा था।

नर्मदा बचाओ आंदोलन ने बार-बार सरकार के सामने इस विसंगति को उठाते हुए माँग की कि इस गुणांक को 2 किया जाए। आंदोलन ने बताया कि केंद्र सरकार, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार आदि राज्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में इस गुणांक को 2 निर्धारित किया है। तमाम प्रयासों के बावजूद सरकार द्वारा निर्णय न लेने पर नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में इस विषय में एक जनहित याचिका दायर की गयी, जिसमें राज्य सरकार द्वारा बार-बार मौके देने पर भी जवाब न देने पर कोर्ट द्वारा 15 हज़ार का जुर्माना आंदोलन को दिलवाया गया था। अब इस याचिका पर जून में अंतिम सुनवाई की तारीख लगी है।

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निर्णय का क्या असर होगा?

प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणांक 2 करने से आंकलित मुआवजा दुगना हो जाएगा और भू अर्जन कानून 2013 के अनुसार 100% तोषण राशि जुड़ने पर कुल 4 गुना हो जाएगा। इस प्रकार पहले तोषण राशि सहित मिलने वाला 2 गुना मुआवजा अब चार गुना हो जाएगा।

पुराने भू अर्जन पर भी लागू हो निर्णय

श्री अग्रवाल ने कहा कि भू-अर्जन कानून, 2013 के तहत 1 जनवरी, 2014 से भू-अर्जन प्रक्रिया जारी है। अभी तक गुणांक 1 से ही मुआवजे का आंकलन हुआ है, जो कि कानून का उल्लंघन है और इस कारण हजारों किसानो का बहुत नुकसान हुआ है। नर्मदा बचाओ आंदोलन ने माँग की है कि ‍इस निर्णय को सन् 2014 से हुए अभी तक के सभी भू-अर्जन प्रकरणों में लागू किया जाए और 2014 से अभी तक हुए सभी भू अर्जनों में गुणांक 2 का उपयोग कर मुआवजे का पुनरांकलन कर सभी प्रभावित किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए।

नर्मदा बचाओ आंदोलन ने राज्य सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्‍मीद की है कि इस निर्णय को 2014 से अभी तक के सभी भू अर्जन प्रकरणों पर लागू कर सभी किसान प्रभावितों को न्याय दिया जायेगा।

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