Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

रायबरेली : पदयात्रियों ने हरिओम वाल्मीकि की मॉब लिंचिंग की कड़े शब्दों में निंदा की, देश में नफ़रत के माहौल पर जताई गहरी चिंता 

वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा का 15वां दिन

रायबरेली, 16 अक्टूबर। गुरुवार को ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा अपने 15वें दिन रायबरेली ज़िले के कई क्षेत्रों से होकर गुज़री। दिन की शुरुआत सुबह 6 बजे आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा के साथ हुई। इस दौरान पदयात्रा में शामिल सभी पदयात्रियों ने हरि ओम वाल्मीकि की मॉब लिंचिंग की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। पदयात्रियों ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि पूरे देश के माहौल में नफ़रत घोल दी गई है जिससे इस तरह की घटनाएँ दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। हरि ओम वाल्मीकि की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करना संविधान के मूल ढाँचे पर हमला है। ऐसे अपराधियों को सजा देने के बजाय सरकार जब संरक्षण देती है तब इस तरह का अपराध और बढ़ता है। भीड़ जब अपने हाथ में क़ानून लेकर न्याय करने लगती है तब यह संविधान द्वारा स्थापित क़ानून के राज पर सीधा हमला होता है।

आज सुबह 7 बजे पदयात्रा रायबरेली शहर से आगे बढ़ते हुए गंगागंज पहुँची, जहाँ राहुल बाजपेयी, अखिलेश द्विवेदी और उनकी टीम ने पदयात्रियों का हार्दिक स्वागत किया तथा नाश्ते की व्यवस्था भी की। स्वागत के उपरांत पदयात्री गंगागंज स्थित शहीद स्थल पहुँचे और स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राण न्योछावर करने वाले रायबरेली क्षेत्र के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर आयोजकों ने संयुक्त रूप से कहा कि आज जब संविधान और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर संकट मंडरा रहा है, ऐसे समय में उन्हें बचाने के उद्देश्य से निकली यह पदयात्रा जनचेतना को जागृत करने वाला अत्यंत सराहनीय कदम है।

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इसके बाद पदयात्रा का अगला पड़ाव कठवारा था, जहां स्वराज अभियान टीम द्वारा पदयात्रियों का स्वागत एवं जलपान की व्यवस्था की गई थी । इस दौरान एक स्थानीय किसान साथी द्वारा मुंशीगंज में शहीद हुए किसानों के बलिदान पर एक गीत प्रस्तुत किया गया।

यात्रा आगे बढ़ते हुए दोपहर में हरचंदपुर स्थित जनपद इंटर कॉलेज पहुँची, जहाँ समाजसेवी पंकज तिवारी, गुलाटी सिंह एवं उनकी टीम द्वारा स्वागत किया गया एवं भोजन और विश्राम की व्यवस्था भी की गई थी।आज पदयात्रा का अंतिम पड़ाव यदुवंशी ढाबा था, जहां श्री कृष्ण महाराज, जितेंद्र यादव, समजीत यादव द्वारा स्वागत एवं रात्रि भोजन और विश्राम की व्यवस्था की गई । भोजन के बाद जितेन नंदी द्वारा कबीर भजन की प्रस्तुति की गई।

पदयात्रा के दौरान जब भी यात्रा विभिन्न चौराहों पर पहुँची, पदयात्रियों ने स्थानीय लोगों से खुलकर बातचीत की। संवाद के दौरान अधिकांश लोगों ने अपनी परेशानियाँ रखते हुए बताया कि आज शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है, बेरोज़गारी बढ़ रही है और महँगाई ने जीवन कठिन बना दिया है।

लोगों का कहना था कि इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय सरकार का ध्यान दूसरे गैर जरूरी मुद्दों की ओर जाता है। ऐसे माहौल में उन्हें लगता है कि यह पदयात्रा सही प्रश्न उठा रही है और उन्हीं मुद्दों को सामने ला रही है जिनकी ओर ध्यान देना सचमुच ज़रूरी है।

आज यात्रा में देश के 16 प्रदेशों के पदयात्री और सहयोगी शामिल हुए हैं।  कार्यक्रम में पदयात्री चंदन पाल, अरविंद कुशवाहा, अरविंद अंजुम, रामधीरज, सोमनाथ रोड़े, रमेश दाने, लता ताई, बेबी वाईकर, माया ढंडे, नंदलाल मास्टर, श्यामधर तिवारी, सरिता बहन, डॉ.  जीतेन नंदी, ध्रुव भाई, विद्याधर, जोखन यादव, ब्रजेश, सूरज माते, सिस्टर फ्लोरीन, निधि,अंतर्यामी बरल, जगदीश कुमार,  समाजवादी जन परिषद के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष राज किशोर तथा सुमंत सुनानी, अनोखेलाल, अनिल, मुस्तफा, रेणु , अनूप आचार्य, सरोज, कविता, पूजा, सीता, माधुरी शामिल हुए। इसके अलावा प्रसाद दास गुप्ता, सुब्रता कुमार रॉय, नानी गोपाल महतो,  सुशांत गरई , उदय भाई, गौरव पुरोहित, विवेक मिश्रा, सौरभ त्रिपाठी, अलीबा, प्रवीण वर्मा, नीरज राय, अजय नरड, राहुल शर्मा, विकास कुमार, ईश्वरचंद्र, महेश भाई, माणिकचंद, आर्यभट्ट महंत, सचिन, शिराज़ अहमद , और स्थानियों समेत 90 से अधिक लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों में अर्चना , मोहम्मद हाशिम, शिव प्रताप, इंद्रेश, रामविलास, धीरज, पुष्कर, डॉक्टर मसूद और टीम, संतोष, सुप्रताप, अमेठी से संजय बाबा आदि शामिल हुए।

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