Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

AI से Gandhi तक, ‘चैट विथ गांधी’ ने खोला विचारों का नया द्वार : लॉन्च हुआ ग्लोबल गांधी नेटवर्क

नई दिल्ली, 23 सितंबर। एक ऐसे दौर में जब दुनिया हिंसा, असमानता और पर्यावरण संकट से जूझ रही है, गांधी के विचार फिर से उम्मीद और प्रकाश का स्रोत बनकर सामने आए हैं। इसी दृष्टि से 22 सितंबर, 2025 को “ग्लोबल गांधी नेटवर्क” और इसकी वेबसाइट ग्लोबल गांधी.कॉम का शुभारंभ हुआ। इस मंच को गांधी विचारों के वैश्विक प्रसार और उन्हें डिजिटल युग में प्रासंगिक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

लॉन्च समारोह में दुनिया भर से गांधी विचारों से जुड़े कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इनमें दूरसंचार विशेषज्ञ सैम पित्रोदा, मैक्सिको से सोनिया देओतो, दक्षिण अफ्रीका से जय नायडू, कनाडा से विशाल शिवहरे, सेवाग्राम आश्रम से सीबी के जोसेफ, पूर्व कुलपति सुदर्शन आयंगार, वैज्ञानिक डॉ. आर. ए. माशेलकर और वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी प्रमुख थे।

सैम पित्रोदा ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया नेतृत्व और नैतिकता के गंभीर संकट का सामना कर रही है। गांधी के सत्य, अहिंसा और करुणा के मूल्य केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल गांधी नेटवर्क युवाओं को सेवा और स्थिरता पर आधारित नेतृत्व की ओर प्रेरित करेगा।

वर्तमान परिदृश्य और गांधी का सन्देश

यूक्रेन से गाजा तक फैली हिंसा, बेरोज़गारी और असमानता से जूझते समाज तथा जलवायु संकट की चेतावनियों के बीच आज दुनिया एक भयावह मोड़ पर खड़ी है। ऐसे समय में गांधी का सत्य, अहिंसा और सर्वोदय का संदेश न केवल मार्गदर्शक है, बल्कि आने वाले तूफानों में भी दीपस्तंभ की तरह ठहरता है।

See also  समाज : दंगों की दास्तान

वैश्विक एकजुटता की कमी

गांधी के सिद्धांतों पर काम करने वाले कार्यकर्ता और संस्थाएँ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं, लेकिन उनके बीच समन्वय और एकजुटता का अभाव है। उनकी आवाज़ें अक्सर गुमनामी में दब जाती हैं और युवाओं तथा नीति-निर्माताओं तक नहीं पहुँच पातीं। इसी कमी को दूर करने के लिए ग्लोबल गांधी नेटवर्क की परिकल्पना की गई।

ग्लोबल गांधी नेटवर्क का उद्देश्य

यह नेटवर्क केवल बातचीत या सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य व्यापक है—सत्य, प्रेम और इंसानियत की आवाज़ों को दुनिया के सामने बुलंद करना और सर्वोदय के पथ पर लोगों को जोड़ना। यह मंच इस विचार को मजबूत करता है कि वास्तविक प्रगति केवल मुनाफे तक सीमित नहीं, बल्कि समस्त मानवता और प्रकृति के कल्याण में निहित है।

‘चैट विथ गांधी’ – एआई युग की पहल

ग्लोबल गांधी.कॉम की सबसे अनूठी विशेषता है ‘चैट विथ गांधी’। यह एआई-आधारित चैटबॉट गांधी से जुड़े प्रश्नों के उत्तर तत्काल उपलब्ध कराता है और पुस्तकीय संदर्भ भी देता है। इसका तकनीकी विकास आईआईटी के प्रो. निशीथ और उनकी टीम ने किया है। यह सुविधा युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए गांधी विचारों को नए और सहज तरीक़े से जानने का अवसर देती है।

ग्लोबल गांधी.कॉम में कई महत्वपूर्ण फीचर्स शामिल हैं:

  • एआई गांधी चैटबॉट – त्वरित व प्रामाणिक जानकारी
  • ‘कनेक्ट’ और ‘कोलैबोरेट’ सेक्शन – संस्थाओं व कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए
  • इवेंट्स सेक्शन – आगामी व पूर्व आयोजनों का विवरण
    • फैक्ट चेकर सुविधा – गांधी से जुड़ी भ्रांतियों का निवारण
  • गांधी गैलरी और वीडियो चैनल – चित्रों और ऐतिहासिक वीडियो का संग्रह
See also  कृषि के ताजा कानूनों पर क्‍या कहते, गांधी

वेबसाइट पर संस्थाएँ, विशेषज्ञ और कार्यकर्ताओं के अलग-अलग खंड उपलब्ध हैं और भविष्य में इसके दायरे को और बढ़ाने की योजना है।

ग्लोबल गांधी नेटवर्क का यह प्रयास गांधी के सिद्धांतों को 21वीं सदी में प्रासंगिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। डिजिटल युग में यह मंच न केवल युवाओं को जोड़ने का माध्यम बनेगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि गांधी सिर्फ भारत के नहीं, बल्कि पूरे विश्व के हैं।

Table of Contents

अनशन से आगे का संघर्ष: सोनम वांगचुक से उठी एक ऐसी अपील, जिसने लोकतंत्र की आत्मा को छू लिया

लोकतांत्रिक आंदोलनों का इतिहास केवल संघर्षों का इतिहास नहीं है, बल्कि उन नैतिक दुविधाओं का भी इतिहास है, जहाँ एक ओर सिद्धांतों के लिए जीवन दांव पर लगा होता है और दूसरी ओर वही जीवन आंदोलन की सबसे बड़ी पूंजी

Read More »

सोनम वांगचुक :  अनशन नहीं, सत्ता का चरित्र बदला है

सोनम वांगचुक का आमरण अनशन अब केवल शिक्षा सुधार या एक मंत्री की जवाबदेही का प्रश्न नहीं रह गया है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रतिरोध की प्रभावशीलता की भी परीक्षा बन चुका है। इसी बीच न्यायालय ने उनके जीवन की रक्षा को

Read More »

यात्रा-वृत्तांत : अनोखी है बैतूल की भू-संस्कृति

भारत की विविध भू-संस्कृतियों की खोज में बैतूल एक ऐसा पड़ाव है, जहाँ प्रकृति, लोकजीवन, आस्था और सामुदायिक संस्कृति एक-दूसरे में सहज रूप से घुली-मिली दिखाई देती हैं। यह यात्रा-वृत्तांत एक शोधार्थी की आँखों से बैतूल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक

Read More »