Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

पंजाब में 11 और 12 सितम्बर को होगा सर्व सेवा संघ का 90वां अधिवेशन

गांधीवादी चिंतक और निर्वासित तिब्बत सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री श्री सामदोंग रिनपोछे करेंगे उद्घाटन

सेवाग्राम। सर्व सेवा संघ (अखिल भारत सर्वोदय मंडल) का 90वां अधिवेशन आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर 11 और 12 सितम्बर को प्रस्थान आश्रम, पठानकोट में हो रहा है। प्रस्थान आश्रम के मंत्री श्री कीर्ति मित्तल के नेतृत्व में स्वागत समिति तैयारियों में लगी है।

सर्व सेवा संघ के प्रबंधक ट्रस्टी महादेव विद्रोही द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सर्व सेवा संघ के 90वें अधिवेशन का उद्घाटन निर्वासित तिब्बत सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान के पूर्व निदेशक श्री समदोंग रिनपोछे अधिवेशन का उद्घाटन करेंगे।

सर्व सेवा संघ गांधी विचार का राष्ट्रीय संगठन है। इसकी स्थापना मार्च 1948 में देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता, आचार्य विनोबा, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, आचार्य कृपलानी, पंडित जवाहरलाल नेहरु, डॉ. ज़ाकिर हुसैन, संत तुकड़ोजी महाराज आदि राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति में हुए सम्मेलन के निर्णय के अनुसार हुआ। तब से लेकर अब तक गांधी मूल्यों के प्रचार-प्रसार, भूदान, ग्रामदान, प्राकृतिक चिकित्सा, जल-जंगल-जमीन, स्वदेशी, नई तालीम, जैविक कृषि, सांप्रदायिक सद्भाव आदि के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

आज देश जब एक विषम परिस्थिति से गुजर रहा है, मानवता को शर्मसार करने वाली बलात्कार की घटनाएं, इस्राइल -फिलिसतीन तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष ने दुनिया को विश्व युद्ध के कगार पर खड़ा कर दिया है, गांधी पर हमले हो रहे हैं इस अधिवेशन का विशेष महत्व है। अधिवेशन में इन विषयों पर चर्चा होगी तथा आगे के कार्यक्रम बनाये जायेंगे।

सर्वोदय आंदोलन में पंजाब का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आचार्य विनोबा भावे के आह्वान पर पंजाब की जनता ने भूमिहीनों के लिए 5168 एकड़ जमीन दान दी। यहां खादी के उत्पादन और प्रशिक्षण के भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। आचार्य विनोबा द्वारा स्थापित छः आश्रमों में से एक ‘प्रस्थान आश्रम’ पठानकोट में है। इसकी स्थापना 1959 में हुई। सत्यम भाई तथा यशपाल मित्तल ने आश्रम के कार्यों को आगे बढ़ाया और पूरे पंजाब में सद्भावना और शांति की अलख जागते रहे। पंजाब के तत्‍कालीन मुख्यमंत्री डॉ. गोपीचंद भार्गव, भीमसेन सच्चर और कॉमरेड रामकिशन का सर्वोदय आंदोलन के साथ अभिन्न संबंध थे। उन्होंने खादी को आगे बढ़ाने तथा सर्वोदय केन्द्रों की स्थापना के लिए एक स्वयंसेवक की तरह काम किया।

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अधिवेशन में महात्मा गांधी के सेवाग्राम आश्रम के अध्यक्ष तथा महाराष्ट्र भूदान बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री आबा काम्बले, सर्वोदय समाज के संयोजक तथा कांगड़ा बैंक के अध्यक्ष श्री लक्ष्मीदास, सर्व सेवा संघ के श्री वी.अरविन्द रेड्डी, विदर्भ भूदान बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री वेरुलकर गुरुजी, विभिन्न प्रदेश,  जिला सर्वोदय मंडलों के अध्यक्ष , लोकसेवक, सर्वोदय मित्र, गांधी प्रेमी नागरिक आदि शामिल होंगे ।

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