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जिम्मी मगिलिगन सेंटर इंदौर पर्यावरण सम्‍मत सतत विकास का जीवंत उदाहरण

एप्को के पर्यावरण प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा छात्रों ने समझी पर्यावरण सम्‍मत जीवनशैली के मायने

इंदौर, 1 मार्च । भोपाल स्थित पर्यावरण योजना एवं समन्वय संगठन (एप्को) के पर्यावरण प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा के छात्रों ने शैक्षिक भ्रमण के दौरान इंदौर के जिम्मी मगिलिगन सेंटर की निदेशिका, वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जनक पलटा मगिलिगन (76 वर्षीय) के साथ दिन बिताया और पर्यावरण सम्‍मत सतत विकास से जुड़ी जीवन शैली के अनुभवों को प्राप्‍त किया।

यहां छात्रों ने गो-अधारित जैविक खेती से आत्मनिर्भर भोजन, प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग कर पवन और सौर उर्जा से अपने लिए और 50 आदिवासी परिवारों को 13 साल से 19 स्ट्रीट लाइट की प्रक्रिया को जानने समझने का प्रयास किया।

आधुनिक युग में भी जनक दीदी ने सनावदिया गांव में रहकर अपनी जीवन शैली को अनुशासित, आत्मसंयमित और सादगीपूर्णता से परिपूर्ण बनाया है, जिसमें रसायन-मुक्त, कूडादान मुक्त,  प्रदूषण फैलाने वाले एसी, वाशिंग मशीन, फ्रिज आदि से मुक्‍त रहकर जीवन में सुख और आनन्द को द्विगुणित किया है।

इंदौर की स्वच्छता एम्‍बेसडर जनक दीदी  ने बताया कि मुख्यतया समस्त प्राणियों के साथ सद्भावना वाले जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए, बिना किसी अनुदान के 1,74 ,480 स्कूल, कालेज के युवाओं को सस्टेनेबल जीवन शैली, स्वच्छता, पौधरोपण आदि को प्रशिक्षित कर चुकी है जिससे युवा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने और इसका संरक्षण कर शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, अध्यात्मिक और आर्थिक विकास के साथ विश्व का कल्याण करेंगे।

उन्होंने छात्रों से कहा कि हमारे जीवन का उदेश्य पृथ्वी के भू-भाग में रहने वाले वन्‍य जीवों, जलमार्गों और महासागरों में रहने वाले प्राणियों के लिए स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। छात्रों ने कहा किसी पुस्तक या पाठ्यक्रम को पढ़कर कभी इस तरह के विचारों और कार्यों को कभी न समझ पाते। माँ से मिलकर हमें जीवनभर के लिए अपने कर्तव्य की समझ आई है। आपके पर्यावरण सम्‍मत जीवन शैली को देखकर और स्पष्ट समझ मिली है। पर्यावरण योजना एवं समन्वय संगठन (एप्को) के प्रमुख अधिकारी लोकेन्‍द्र ठक्कर ने हार्दिक आभार प्रेषित किया।

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