Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा कोरोना संक्रमण के बाद एम्स में भर्ती, सांस लेने में उन्हें कोई दिक्‍कत नहीं

8 मई 2021 प्रख्यात पर्यावरणविद एवं चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा कोरोना वायरस के बाद एम्स ऋषिकेश में भर्ती हुए हैं। श्री बहुगुणा जी की पत्‍नी विमला बहुगुणा ने सप्रेस प्रतिनिधि को फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से बुखार व खांसी की की शिकायत थी। लेकिन फिलहाल सांस लेने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही है। फिलहाल आक्‍सीजन लेबल भी ठीक चल रहा है। उम्र के दसवें दशक में पहुंच चुके बहुगुणा शारीरिक रूप से भी काफी कमजोर हो चुके हैं, उनकी नजर भी धुंधली पड़ चुकी है और धीमी आवाज में बात करते हैं।

श्रीमती विमलाजी ने बताया कि बहुगुणा जी को शनिवार दोपहर करीब 1 बजे एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया। उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डाक्‍टरों ने एतिहात के तौर पर आईसीयू में भर्ती किया था, लेकिन अभी उन्‍हें वार्ड में शिफट कर दिया गया है। वे कमजोरी महसूस कर रहे है।    

उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से सुंदरलाल बहुगुणा को बुखार व खांसी की शिकायत थी। विमलाजी ने बताया कि बहुगुणाजी को अभी सांस लेने में कोई दिक्‍कत नहीं आ रही है। उनकी स्थिति सामान्य है और उनकी अन्य स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है।

श्री बहुगुणाजी की पत्‍नी विमलाजी भी कुछ समय से बुखार से पीडित चल रही है। उन्‍होंने भी हाल ही में अपना टेस्‍ट कराया है, इसकी रिपोर्ट आना शेष है।

देशभर के पर्यावरण प्रेमियों ने श्री सुंदरलाल बहुगुणा के शीघ्र स्‍वास्‍थ्‍य लाभ की कामना की है।  

See also  प्रकृति के चितेरे सुंदरलाल बहुगुणाजी के मौन होने पर प्रबुद्धजनों की शब्‍दाजंलियां

Table of Contents

अनशन से आगे का संघर्ष: सोनम वांगचुक से उठी एक ऐसी अपील, जिसने लोकतंत्र की आत्मा को छू लिया

लोकतांत्रिक आंदोलनों का इतिहास केवल संघर्षों का इतिहास नहीं है, बल्कि उन नैतिक दुविधाओं का भी इतिहास है, जहाँ एक ओर सिद्धांतों के लिए जीवन दांव पर लगा होता है और दूसरी ओर वही जीवन आंदोलन की सबसे बड़ी पूंजी

Read More »

सोनम वांगचुक :  अनशन नहीं, सत्ता का चरित्र बदला है

सोनम वांगचुक का आमरण अनशन अब केवल शिक्षा सुधार या एक मंत्री की जवाबदेही का प्रश्न नहीं रह गया है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रतिरोध की प्रभावशीलता की भी परीक्षा बन चुका है। इसी बीच न्यायालय ने उनके जीवन की रक्षा को

Read More »

यात्रा-वृत्तांत : अनोखी है बैतूल की भू-संस्कृति

भारत की विविध भू-संस्कृतियों की खोज में बैतूल एक ऐसा पड़ाव है, जहाँ प्रकृति, लोकजीवन, आस्था और सामुदायिक संस्कृति एक-दूसरे में सहज रूप से घुली-मिली दिखाई देती हैं। यह यात्रा-वृत्तांत एक शोधार्थी की आँखों से बैतूल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक

Read More »