Month: January 2026

संविधान की रोशनी में गणतंत्र : गरीब कैदियों के लिए इंसाफ की पुकार

संविधान का सर्वाधिक महत्वपूर्ण काम उसे अमल में लाना है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के चलते आजादी के अस्सी साल बाद भी हाशिये पर ही हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल में एक…

भारत में गणतंत्र : चुनौतियाँ, विफलताएँ और समाधान

हम अपने गणतंत्र की 77वीं सालगिरह मना रहे हों, लेकिन क्या सचमुच हमारा लोकतंत्र उस तरफ बढ़ रहा है जिसकी उम्मीद हमने करीब आठ दशक पहले की थी? मसलन–क्या हमारी दो सदनों–लोकसभा, राज्यसभा–वाली संसद और राज्यों की विधानसभाएं अपेक्षित अवधि…

‘अमीरों की सत्ता का प्रतिरोध’ : ‘डब्ल्यूईएफ’ में जारी ‘ऑक्सफैम’ की रिपोर्ट

दुनियाभर के दिमागों को दुरुस्त करने वाली ‘ऑक्सफैम’ की रिपोर्ट फिर हाजिर है। 19 से 23 जनवरी के बीच हो रहे ‘वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम’ के पहले दिन चेतावनी-स्वरूप जारी की गई इस रिपोर्ट ने दुनियाभर के आर्थिक विकास की पोलपट्टी…

वंचितों से और भी दूर हुआ जलवायु न्याय

पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के दुख दूबरे होते दुनिया के अमीर देश गाहे-ब-गाहे मिल-बैठकर अपनी चिंताएं उजागर करते रहते हैं, लेकिन उनकी इस कवायद से किसी का कुछ खास बनता-बिगड़ता नहीं है। पिछले साल के अंत में इसी तरह का…

गिग वर्कर्स : दस मिनट में डिलीवरी का अंत

दस मिनट में कोई सामान आप तक पहुंचाने वाले डिलीवरी बॉय या ‘गिग वर्कर्स’ लगभग हर शहर में बगटूट भागते, अपनी मोटर साइकलें दौड़ाते आपको दिख जाएंगे। क्या उनकी इस बदहवासी में सिर्फ कमाई का प्रोत्साहन भर रहता है? या…

वर्ष 2025 : प्राकृतिक आपदाओं का घटनाक्रम

इंसानी गतिविधियों ने प्रकृति को इस कदर बेचैन कर दिया है कि अब खुद इंसान ही संकट का सामना कर रहा है। विकास की हड़बड़ी में लगातार बढ़ रहे जलवायु परिवर्तन ने इस बदहाली को और भी बढ़ा दिया है।…

कृषि संसार वन्‍य जीव एवं जैव विविधता

नीलगाय और जंगली सुअर : खेती और नीति की समस्या

नीलगायों और जंगली सुअरों का फसलों को चौपट करने के लिए खेतों में उतरना एक तरह से कथित ‘वैज्ञानिक वानिकी’ का ही नतीजा है। कई इलाकों में वन्यप्राणियों के वन-निवासियों से घातक द्वंद्व भी इसी पद्धति से उपजे हैं। इनसे…

बढ़ते शहरीकरण में पिछड़ता कचरा प्रबंधन

देश के दस लाख आबादी से अधिक के शहरों में इंदौर को स्वच्छता में अव्वल माना गया है, लेकिन हाल में उसी इंदौर में प्रदूषित पानी पीकर दस लोगों को अपनी जान गंवाना पड़ी और करीब 150 लोग बीमार हुए…

अरावली की परिभाषा अब संवैधानिक सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरणविद् राजेंद्र सिंह की हस्तक्षेप याचिका स्वीकार की

नईदिल्‍ली, 20 जनवरी। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा और संरक्षण से जुड़ी अपनी चल रही सुओ मोटो कार्यवाही में हस्तक्षेप की मांग करने वाली दायर एक अर्जी को स्वीकार कर लिया है। नियामक विखंडन और पारिस्थितिक…

दिल्ली में पेयजल की गुणवत्ता गंभीर संकट के दायरे में : CAG ऑडिट रिपोर्ट का खुलासा

जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) द्वारा त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई की मांग नई दिल्ली, 18 जनवरी । भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया ऑडिट रिपोर्ट, जिसे 7 जनवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत किया गया, ने दिल्ली…