Year: 2025

समाचार स्‍वास्‍थ्‍य

जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने राज्यसभा समिति को सौंपी स्वास्थ्य सुधार संबंधी प्रमुख सिफारिशें

नई दिल्ली, 9 जुलाई । स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकार के लिए काम कर रहे देशव्यापी नेटवर्क जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) ने राज्यसभा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। यह समिति प्रो….

“सबके लिए स्वास्थ्य, सभी नीतियों में स्वास्थ्य” की मांग के साथ जन स्वास्थ्य अभियान-इंडिया की कार्यशाला सम्‍पन्‍न

5 जुलाई, भोपाल। जन स्वास्थ्य अभियान-इंडिया ने भोपाल, मध्य प्रदेश में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 1 से 3 जुलाई, 2025 किया गया, जिसमें  देश भर से 11 राज्यों के 43 प्रतिनिधियों समेत सार्वजनिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए दशकों…

चिकित्सा शिक्षा का अवमूल्यन : राष्ट्र के समक्ष चुनौती

अध्ययन बताते हैं कि दुनियाभर में हथियारों के अलावा दवाओं का धंधा पूंजी कूटने में सर्वाधिक अहमियत रखता है। दवाओं के इस धंधे में चिकित्सा शिक्षा भी हिस्सेदार है, लेकिन इस सबसे आम मरीज और व्यापक समाज पर क्या और…

वरिष्ठ गांधीवादी विचारक रामचंद्र राही को मिलेगा द्वितीय पी. गोपीनाथन नायर पुरस्कार

तिरुवनंतपुरम के निकट नेय्याटिंकारा में होगा सम्मान समारोह तिरुवनंतपुरम, 5 जुलाई। वरिष्ठ गांधीवादी विचारक, लेखक एवं केंद्रीय गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष श्री रामचंद्र राही को दूसरे ‘पी. गोपीनाथन नायर पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। इस पुरस्कार के अंतर्गत ₹50,000…

प्राकृतिक संसाधनों पर समुदायों का अधिकार अभियान जारी रहेगा

जन स्वाभिमान यात्रा का मंडला में समापन, विस्थापन व निजीकरण के खिलाफ उठीं आवाजें मंडला, 1 जुलाई। बालाघाट से 9 जून को प्रारंभ हुई 21 दिवसीय जन स्वाभिमान यात्रा का समापन सोमवार को मंडला जिले के संगम घाट, महाराजपुर में…

विवाह रिश्तों का द्वैत : सामाजिक बंधन या व्यक्तिगत आजादी

आजकल अखबार स्त्री-पुरुष संबंधों के टूटने, अक्सर हिंसक हो जाने और नतीजे में किसी एक या दोनों की मृत्यु की खबरों से अटे पड़े रहते हैं। क्यों हो रहा है, ऐसा? समाज में स्त्री की घटती हैसियत और पितृ-सत्ता के…

प्रकृति का पर्यावरण

पर्यावरण का जो संकट अब ठेठ हमारी देहरी तक पहुंच गया है और जिसे लेकर सालाना कर्मकांड की तरह कई दिवस भी मना लेते हैं, क्या वह हमारे ही जीवन-यापन के धतकरमों का नतीजा नहीं है? मसलन, दिनों-दिन बढ़ता-फैलता कचरे…

जीनोम एडिटेड धान पर वैज्ञानिकों और नागरिकों की आपत्ति, केंद्रीय कृषि मंत्री को भेजा पत्र

जी.एम. मुक्त भारत गठबंधन की ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठी पारदर्शी नियमन और जैव सुरक्षा की मांग नई दिल्ली, 26 जून। देशभर के सैकड़ों वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और नागरिकों ने दो जीनोम एडिटेड धान किस्मों की जल्दबाज़ी में स्वीकृति को…

गांधीजी की दृष्टि और पश्चिम एशिया का संकट

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब अमीर ‘मित्र-राष्ट्र’ दुनिया का हिस्सा-बांटा कर रहे थे, भारत में महात्मा गांधी शांतिपूर्ण, अहिंसक और दोस्ताना दुनिया के भविष्य की जुगत बिठा रहे थे। क्या 80-85 साल पहले दुनिया के सत्ताधारियों, खासकर पश्चिम एशिया के…

सिंदूर हमारी अस्मिता और शक्ति की साधना का प्रतीक है- मनोज श्रीवास्तव

पर्यावरण डाइजेस्ट पत्रिका द्वारा ऑपरेशन सिंदूर : अभिप्रेत और निहितार्थ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन रतलाम, 24 जून। सिंदूर हमारे साथ ऋग्वैदिक काल से रहा है, यह शक्ति बल और पवित्रता से जुड़ा हुआ है। सिंदूर हमारी अस्मिता और शक्ति…