public health

इंदौर : स्वच्छता के तमगे और दूषित पानी की सच्चाई 

इंदौर को वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा मिलता रहा है, लेकिन दूषित पेयजल से हुई 14 मौतों ने इस छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा बताता है कि स्वच्छता के दावों के…

स्वास्थ्य सेवाओं में पीपीपी पर उठे सवाल, निजीकरण को बताया जनहित के लिए खतरा

भोपाल, 22 दिसंबर। स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में सार्वजनिक–निजी भागीदारी (पीपीपी) के बढ़ते प्रयोग को लेकर जन स्वास्थ्य से जुड़े संगठनों ने गहरी चिंता जताई है। सोमवार को भोपाल में ‘एक्‍शन अगेन्‍स प्रायवेटाइजेशन आफ मेडिकल एजुकेशन एवं हेल्‍थ सर्विसेस’…

स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के बढ़ते खतरे के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान चलाने की घोषणा  

रायपुर राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य सम्मेलन में पारित हुए महत्‍वपूर्ण प्रस्ताव रायपुर, 10 दिसंबर। स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण और व्यावसायीकरण से उत्पन्न खतरे को रोकने के लिए राष्ट्रीय अभियान चलाने तथा अप्रैल 2026 में व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर पखवाड़ा मनाने…

भोपाल गैस कांड : महिलाएँ अब भी झेल रही हैं अदृश्य ज़हर का असर

21वीं सदी की दुनिया जलवायु संकट, विषैली हवा और औद्योगिक जोखिमों की भयावह सच्चाइयों से घिरी है, जिनका सबसे तीखा असर महिलाओं पर पड़ता है। वैश्विक शोध जहाँ आपदाओं में महिलाओं की मृत्यु दर चौदह गुना अधिक बताते हैं, वहीं…

औद्योगिक ज़हर से जलवायु ज़हर तक : महिलाओं की सुरक्षा अब भी नीतियों के हाशिये पर

2 दिसंबर सिर्फ एक स्मृति-दिवस नहीं, उस सच का आईना है जिसे भोपाल गैस त्रासदी ने उजागर किया था—पर्यावरणीय संकट कभी बराबरी से नहीं चोट पहुँचाते। विषैली हवा, बढ़ती गर्मी, जल-संकट और घरेलू धुएँ का सबसे भारी बोझ आज भी…

कैंसर से बचाव के लिए जागरुकता की जरुरत                 

हर वर्ष 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है, क्योंकि कैंसर भारत सहित विश्व में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक बन चुका है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार भारत में जीवनभर में 11 प्रतिशत लोगों…

राजस्थान में ₹600 करोड़ की अमानक व नकली दवाओं पर जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने जताई चिंता

निशुल्क दवा योजना में वितरित दवा की गुणवत्ता की जांच हेतु कार्रवाई की मांग जयपुर, 14 अक्टूबर। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया, राजस्थान राज्य इकाई ने राजस्थान राज्य में प्रतिवर्ष लगभग ₹600 करोड़ मूल्य की दवाएं या तो अमानक अथवा नकली…

दवा गुणवत्ता पर सवाल, केंद्र से अनुपयुक्त कफ सिरप पर स्थायी प्रतिबंध की मांग

जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने लिखा पत्र स्वास्थ्य मंत्रालय को इंदौर, 7 अक्टूबर। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र लिखकर देशभर में खांसी की सिरप के निर्माण, बिक्री और विपणन पर…

अकेलापन और अवसाद : नई सदी की सबसे बड़ी चुनौती

अकेलापन अब सिर्फ़ भावनात्मक अनुभव नहीं रहा, बल्कि यह धूम्रपान और मोटापे जितना घातक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। यह युवाओं में आत्महत्या के जोखिम को कई गुना बढ़ाता है और बुजुर्गों में हृदय रोग व डिमेंशिया का बड़ा कारण…

जीवन शैली : मोटापे की मार

तीसरी दुनिया के देशों में भूख और कुपोषण सर्वाधिक चर्चा में रहते हैं, लेकिन कथित आधुनिक जीवन-शैली के चलते जरूरत से ज्यादा भोजन भी आजकल संकट पैदा करने लगा है। क्या होते हैं, इसके नतीजे? डॉ. नमिता शर्मा मोटापा, स्थूलता, ओबेसिटी यानि…