Mahatma Gandhi

कुंडा, प्रतापगढ़ में हुआ ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा का स्वागत 

‘एक कदम गांधी के साथ’ वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक पदयात्रा का 11 दिन मानिकपुर, 12 अक्टूबर। सर्व सेवा संघ की नेतृत्व में 2 अक्टूबर को राजघाट, वाराणसी से शुरू हुई ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा अपने 11वें…

जेपी क्रांति को नैतिक व शास्वत प्रक्रिया मानते थे – रघु ठाकुर

लेखक शिवदयाल की पुस्तक ‘ जयप्रकाश : परिवर्तन की वैचारिकी ‘ का हुआ विमोचन भोपाल, 11 अक्टूबर। ‘ लोकनायक जयप्रकाश नारायण समाज को मानसिक रूप से बदलने में विश्वास रखते थे। वे क्रांति को नैतिक और शास्वत प्रक्रिया में देखना…

गांधीजी की आधुनिकता और उनके मापदंड

आम लोगों में महात्मा गांधी को उनके रहन-सहन, खान-पान और भाषा-भूषा के चलते गैर-आधुनिक, पिछडा और पारंपरिक मानने का चलन है, लेकिन क्या वे सचमुच वैसे थे? या आधुनिकता के उनके मापदंड आम लोगों से भिन्न थे, जिनका वे कडाई…

महात्मा गांधी के विचार नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक : राज्यपाल

भोपाल, 2 अक्टूबर। गांधी भवन,भोपाल के मुख्य सभागार में आयोजित गांधी जयंती समारोह में प्रदेश के राज्यपाल माननीय मंगू भाई पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार और आदर्श नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं…

हिंद स्वराज से जलवायु संकट तक : गांधी की चेतावनी और आज की दुनिया

महात्मा गांधी ने हिंद स्वराज में जिस ‘सभ्यता’ को हालात कहा था, वही आज के जलवायु संकट की जड़ बन चुकी है। बापू ने सौ साल पहले चेतावनी दी थी कि अगर दुनिया यूरोप-अमेरिका के उपभोगवादी रास्ते पर चली, तो…

गांधीजी का महात्मा प्रबंधकीय कौशल

प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों को गांधी के आंदोलनों, खासकर उनकी तैयारी के संदर्भ में देखें तो बहुत स्पष्ट रूप से उनका अमल दिखाई देता है। इस लिहाज से गांधी उस प्रबंधन के कारगर गुरु माने जा सकते हैं जिसे अनेक…

गांधी विचार : वैश्विक संकटों का समाधान

महापुरुषों की जयंती अक्सर उनके गुणगान तक सीमित रह जाती है, लेकिन आज की वैश्विक चुनौतियाँ—अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध, जलवायु संकट और बढ़ते हिंसक संघर्ष—यह साफ़ करती हैं कि गांधी विचारों की अनदेखी संभव नहीं। उनका दर्शन केवल स्वतंत्रता आंदोलन का…

झारखंड : मधुपुर पधारे गांधी हमारे, सौ साल बेमिसाल

झारखंड के मधुपुर में महात्मा गांधी के ऐतिहासिक आगमन की शताब्दी पर वर्षभर चलने वाले समारोह की शुरुआत हो रही है। यह आयोजन न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए अहम है, क्योंकि बापू केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि…

गांधी जयंती : महात्‍मा गांधी महज़ सिद्धांत नहीं सरल व्यवहार है

2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में जन्मे महात्मा गांधी आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। सत्य और अहिंसा को जीवन का आधार मानते हुए उन्होंने भयमुक्त और श्रमशील जीवन का संदेश दिया। सादगी, स्वावलम्बन और…

गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर ‘पहली तारीख’ में कला और कविता का संगम

भोपाल, 1 अक्‍टूबर। गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर ‘पहली तारीख’ का 18वाँ आयोजन हर बार की तरह गांधी भवन, एकता परिषद में हुआ। इस बार का आयोजन कला, कविता और संवाद का अनूठा संगम साबित हुआ। प्रसिद्ध कलाकार विक्रम…