health

फार्मा, निजी क्षेत्र और मेडिकल टूरिज़्म को बढ़ावा, बुनियादी जन-स्वास्थ्य फिर हाशिये पर

बजट 2026 पर जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) की प्रतिक्रिया नई दिल्ली 01 फरवरी। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था को लगभग पूरी तरह नज़रअंदाज़ करता है,…

बच्‍चों के लिए जहरीली दवा बनी अभिशाप

मध्यप्रदेश और राजस्थान में सर्दी-खांसी की दवा कोल्ड्रिफ कफ सीरप के सेवन से 16 बच्चों की मौत ने देश में दवा गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तमिलनाडु लैब जांच में इस सीरप के एसआर-13 बैच में खतरनाक रसायन…

दवा गुणवत्ता पर सवाल, केंद्र से अनुपयुक्त कफ सिरप पर स्थायी प्रतिबंध की मांग

जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने लिखा पत्र स्वास्थ्य मंत्रालय को इंदौर, 7 अक्टूबर। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र लिखकर देशभर में खांसी की सिरप के निर्माण, बिक्री और विपणन पर…

जीवन शैली : मोटापे की मार

तीसरी दुनिया के देशों में भूख और कुपोषण सर्वाधिक चर्चा में रहते हैं, लेकिन कथित आधुनिक जीवन-शैली के चलते जरूरत से ज्यादा भोजन भी आजकल संकट पैदा करने लगा है। क्या होते हैं, इसके नतीजे? डॉ. नमिता शर्मा मोटापा, स्थूलता, ओबेसिटी यानि…

जीवनदायनी नदियां : नदियों को नालों में बदलता समाज

यह जानने के लिए कोई भारी–भरकम शोध की जरूरत नहीं है कि देशभर की तमाम छोटी-बडी नदियां बदहाल हैं और उनमें से अधिकांश अपने आखिरी दिन गिन रही हैं। सचराचर जगत की जीवनदायिनी नदियां आखिर क्यों इतनी बेहाल हैं? क्या…

स्वस्थ और सुखी रहना है तो प्रकृति के साथ जीना होगा

28 जुलाई को मनाया जाने वाला ‘विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस’ हमें इस सच्चाई से रूबरू कराता है कि लगातार मानवीय गतिविधियों और प्रकृति से छेड़छाड़ के चलते मौसम चक्र असंतुलित हो चला है। ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़, सूखा, वनों की आग…

युद्ध, टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र

इंसान का आपस में साथ रह पाना कितना कठिन होता जा रहा है? क्या एक-दूसरे के बीच का फासला इतना गहरा हो गया है कि युद्ध के बिना इसे पाटा नहीं जा सकता? इसी मानवीय कमजोरी की पड़ताल करता विवेकानंद…

“सबके लिए स्वास्थ्य, सभी नीतियों में स्वास्थ्य” की मांग के साथ जन स्वास्थ्य अभियान-इंडिया की कार्यशाला सम्‍पन्‍न

5 जुलाई, भोपाल। जन स्वास्थ्य अभियान-इंडिया ने भोपाल, मध्य प्रदेश में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 1 से 3 जुलाई, 2025 किया गया, जिसमें  देश भर से 11 राज्यों के 43 प्रतिनिधियों समेत सार्वजनिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए दशकों…

चिकित्सा शिक्षा का अवमूल्यन : राष्ट्र के समक्ष चुनौती

अध्ययन बताते हैं कि दुनियाभर में हथियारों के अलावा दवाओं का धंधा पूंजी कूटने में सर्वाधिक अहमियत रखता है। दवाओं के इस धंधे में चिकित्सा शिक्षा भी हिस्सेदार है, लेकिन इस सबसे आम मरीज और व्यापक समाज पर क्या और…

समाज : अमीर होते देश में आत्महत्या करते लोग

विचित्र विडंबना है कि जिस देश में दुनिया की तीसरी बडी अर्थव्यवस्था बनाने के जतन जारी हों, वहां आत्महत्याओं में लगातार बढ़ौतरी होती जाए। क्या खुद अपनी जान लेने के कठिन निजी फैसले में देश की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, राजनीतिक…