हाल ही में केन्द्र सरकार ने बहु-चर्चित जाति जनगणना की तारीखों की घोषणा कर दी है। विपक्षी दलों की इस प्रमुख मांग पर भारी ना-नुकुर के बाद हामी भरने वाली सत्तारूढ़ भाजपा इसे चुनावी जीत की गारंटी मानती है, लेकिन…
देखने, छूने, सूंघने और यदा-कदा चखने की इंद्रियों की मदद से होने वाली खरीद-फरोख्त को धता बताते हुए आजकल आनलाइन का चलन है जिसमें सीधे ऑर्डर करके जरूरत का सामान मंगाया जाता है। सरकार से लगाकर तमाम शोध संस्थान इस…
भारत अपनी बढ़ती युवा आबादी के साथ, एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। ‘मानव विकास संस्थान’ (आईएचडी) और ‘अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन’ (आईएलओ) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई ‘भारत रोज़गार रिपोर्ट – 2024’ युवाओं में रोज़गार के बहुआयामी परिदृश्य पर प्रकाश डालती है। भारत की युवा…
मौजूदा संसद के संभवत: आखिरी सत्र में पेश किए गए अंतरिम बजट ने और कुछ किया हो या नहीं, मौजूदा सरकार की संभावित वापसी पर उसकी भावी योजनाओं को उजागर जरूर कर दिया है। मसलन किसानों की आय दोगुनी करने…
पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं अक्सर समाज के हाशिए पर बसे लोगों को बेदखल करके बनती, बनाई जाती हैं, जबकि थोडी समझदारी रखी जाए तो उसी समाज की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार भी पैदा किए जा सकते हैं।…