Ecology

“अरावली पर्वतमाला की पारिस्थितिकी, पर्यावरण और कृषि” विषयक अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव की जनघोषणा

उदयपुर। भारत और दुनिया से आए विशेषज्ञ एवं पर्यावरण चिंतक अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के साझा संकल्प के साथ उदयपुर में एकत्र हुए। 7–8 फरवरी को जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय) में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव, चौथे…

अरावली केवल पर्वत नहीं, जीवनदायिनी पारिस्थितिक व्यवस्था है: राजेंद्र सिंह

उदयपुर में चतुर्थ विश्व जल सम्मेलन में अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं कृषि पर विमर्श रिपोर्ट पुनीत कुमार उदयपुर, 7 फरवरी। जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर में आयोजित चतुर्थ विश्व जल सम्मेलन के प्रथम दिवस पर देश विदेश…

प्रकृति के साथ खड़ा एक जीवन : माधव गाडगिल को नमन

पश्चिमी घाटों को बचाने की लड़ाई को वैज्ञानिक और नैतिक आधार देने वाले प्रख्यात परिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल ‘धरती पुत्र’ के नाम से पहचाने जाते थे। गाडगिल ने भारतीय विज्ञान संस्थान में पारिस्थितिकी विज्ञान केंद्र की स्थापना की और गाडगिल आयोग…

एक थे अनुपम मिश्र, सचमुच के अनुपम

अनुपम मिश्र को हमसे विदा हुए नौ वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पानी, पर्यावरण और सादगी को लेकर उनकी दृष्टि आज भी उतनी ही जीवित है। ऐसे समय में, जब विकास पर्यावरण पर भारी पड़ रहा है, अनुपम मिश्र का…

सनातन जीवन-दर्शन : प्रकृति और संस्कृति से जुड़ी जीवन पद्धति

भारतीय जीवन-दर्शन का मूल प्रकृति और संस्कृति के उस सनातन योग में निहित है, जिसने पंचमहाभूतों से सृष्टि की रचना की और मानव जीवन को आचार-विचार, आरोग्य, संतुलन व समृद्धि का मार्ग दिया। जैसे-जैसे यह योग टूटता गया, आर्थिकी, पारिस्थितिकी…

ब्राजील : जलवायु शिखर सम्मेलन कोप 30 और पृथ्वी की पुकार

ब्राजील के बेलेम शहर में जलवायु पर शिखर सम्मेलन COP30 शुरू हो रहा है, जिसमें 200 देशों के 50,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन 10 से 21 नवंबर तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना है।…

विचार : जड़-मूल से क्रांति चाहिए

126 वां जयंती वर्ष : दादा धर्माधिकारी मनुष्य एक-दूसरे के समीप होते हुए भी एक-दूसरे के साथ जीते नहीं हैं। इसमें चन्द बाधाएं हैं। एक है – मालिकी और मिल्कियत। दूसरा है – संप्रदाय या धर्म। तीसरा – जाति। चौथा…