कौसानी में Youth for Truth कार्यशाला का शुभारंभ कौसानी, 8 जून। कौसानी के अनासक्ति आश्रम में गॉंधीजनों के Youth for Truth कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए गांधीवादी विचारक पद्मश्री राधा बहन भट्ट ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डर…
कौसानी, 6 जून। महात्मा गांधी की ऐतिहासिक तपोभूमि अनासक्ति आश्रम, कौसानी में शनिवार, 7 जून से देशभर के प्रमुख गांधीवादी विचारकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं का तीन दिवसीय चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ हो रहा है। गौरतलब है कि यह…
सबको मालूम है कि गाँधीजी कमाल के पत्रकार-संपादक थे। उनका अधिकांश लेखन अखबारों के लेख-टिप्पणियों, पत्रों और सूचनाओं की शक्ल में मौजूद है। अलबत्ता, लेखन की इस प्रक्रिया में वे अपने पाठक भी तैयार करते थे। कोई उनके (या किसी…
संघमित्रा गाडेकर (उमा जी) की चुपचाप हुई विदाई के साथ जैसे एक युग भी विदा हो गया—राजघाट की स्मृतियाँ, सर्वोदय शिविरों की ऊष्मा और खादी में लिपटी उनकी शांत उपस्थिति अब स्मरण में रह गई हैं। वे एक चिकित्सक से…
कुमार प्रशांत का सवाल : लोकतंत्र में बोलने की जरूरत जयंत सिंह तोमर कुमार प्रशांत ने अपने भाषण के ठीक बीच में अचानक सवाल उछाला – ‘इतना सन्नाटा क्यों है? जो जहां हैं वहां से बोलिये। आज के लोकतंत्र की…
हाल के दिनों में देशभर में साम्प्रदायिकता का जहर तेजी से फैला है और नतीजे में समाज का तीखा विभाजन हो रहा है। ऐसे में महात्मा गांधी ही याद आते हैं। वे होते तो ऐसे हालातों में आखिर क्या करते?…
कस्तूरबा केवल महात्मा गांधी की जीवनसंगिनी ही नहीं थीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की एक अद्वितीय,प्रचंड क्रांतिकारी शक्ति भी थीं। उनका जीवन त्याग, निर्भीकता और अनवरत संकल्प का ऐसा ओजस्वी महाकाव्य है, जो प्रत्येक भारतीय के हृदय में प्रेरणा का अखंड दीप प्रज्ज्वलित करता…
मोहनदास करमचंद गांधी की महात्मा बनने तक की यात्रा में कस्तूरबा की खासी अहमियत रही है। कस्तूरबा वीरता और त्याग में अपने पति से किसी भी प्रकार कम नहीं थीं। गांधीजी ने खुद कहा है कि मैंने अंहिसा-शक्ति कस्तूरबा से…
प्रो. आर के जैन “अरिजीत” मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में 12 फ़रवरी की सुबह जब सूरज अपनी स्वर्णिम किरणें बिखेरता है, तब नर्मदा के पावन तट पर एक ऐतिहासिक आयोजन सजीव हो उठता है—सर्वोदय मेला। यह मेला केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, कस्तूरबा…