किसी भी सीवर को नागरिकों के लिए अभयारण्य नहीं होना चाहिए
पुल के नीचे, रेलवे लाइन के पास, फुटपाथ या अन्य किसी जगह बने सीवर उनके लिए अभयारण्य हैं| बाकी स्थानों पर चाहे वे पुल के नीचे हो, रेल पटरी के पास हो, फुटपाथ पर हो या और कहीं, कोई न…
रेलवे बोर्ड के नवीन गुलाटी का बयान झूठा और दुष्प्रचार है : सर्व सेवा संघ
वाराणसी, 24 अक्टूबर । सर्वोदय समाज की शीर्ष संस्था अखिल भारतीय सर्व सेवा संघ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंफ्रा) नवीन गुलाटी के बयान को असंगत, तथ्यहीन, असत्य और गुमराह करने वाला बताया है। नवीन…
हान कांग : शाकाहार की समर्थक को साहित्य का नोबेल
अभी कुछ दिन पहले घोषित अंतरराष्ट्रीय नोबेल पुरस्कारों में दक्षिण कोरिया की हान कांग को साहित्य के नोबेल से नवाजा गया है। जीवों के प्रति दया और शाकाहार की समर्थक हान कांग को मिला यह सम्मान ‘शरीर और आत्मा, जीवन…
लोकतांत्रिक प्रक्रिया द्वारा समस्या समाधान करने का प्रयास नागरिकों का कर्तव्य है : चंदन पाल
सर्व सेवा संघ के खिलाफ चल रहे सरकारी षड्यंत्र के विरोध में सौ दिनी सत्याग्रह का 41 वां दिवस वाराणसी, 21 अक्टूबर । सर्व सेवा संघ परिसर को जमींदोज करने के एक वर्ष होने के निमित्त चल रहा सौ दिनी…
गांधी दर्शन एवं गांधी साहित्य : गांधी को गायब करने की साजिश
‘सर्व सेवा संघ प्रकाशन’ और ‘गांधी विद्या संस्थान’ समेत 4 संग्रहालयों और करीब 84 आवासों पर यह हमला दरअसल एक सुनियोजित साजिश है
समर्थन मूल्य की समीक्षा : मध्यप्रदेश में सोयाबीन
इन दिनों सोयाबीन को लेकर मध्यप्रदेश में भारी बवाल मचा है। फसल की लागत और लगातार बढ़ते अन्य खर्चों के चलते किसान सोयाबीन का ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ बढ़वाने के लिए आंदोलनरत हैं और सरकार इसे लेकर ना-नुकुर कर रही है।…
एक दशक का ‘विकल्प संगम’
दस साल पहले उभरा गैर-दलीय राजनीति करने वाले संगठनों, संस्थाओं और सरोकार रखने वाले व्यक्तियों के जमावड़े का विचार अब अपने ठोस रूप में दिखाई देने लगा है। ‘विकल्प संगम’ के तहत देश भर के करीब सौ संगठन मिलजुलकर वैकल्पिक…
पर्यावरण : वन संरक्षण के देसी उपाय
वन विभागों की मार्फत कथित ‘सांटिफिक फॉरेस्ट्री’ उर्फ ‘वैज्ञानिक वानिकी’ की आजमाइश के डेढ़ सौ से ज्यादा साल गुजर जाने के बावजूद आज वन, वन्यप्राणी और वनों में बसे आदिवासी बदहाल ही नजर आते हैं। इसके बरक्स जंगल से अपनी…
जन स्वास्थ्य सहयोग : उम्मीद की किरण
करीब ढ़ाई दशक पहले शुरु हुए ‘जन स्वास्थ्य सहयोग’ ने छत्तीसगढ़ के सुदूर कोने में जिस तरह से, जो-जो किया है, वह हमारे इलाज और स्वस्थ्य रहने के सरकारी, गैर-सरकारी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सिखा सकता है। उम्मीद की जानी…






















