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अहिंसक समाज रचना में सर्वसम्मत निर्णय की प्रक्रिया जरूरी

15 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में मोहनभाई हीराबाई हीरालाल आज हम जिसे स्वराज समझते हैं, वह स्वराज नहीं है। स्वराज के लिए निर्णय प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। बहुमत से होने वाला निर्णय का स्वराज से विरोध है। अहिंसा…

पिंजरे चुनने की आजादी

आजादी बहुत अधिक सजगता की मांग भी करती है। अक्सर तो हमें इसका अहसास भी नहीं होता कि वह वास्तव में हम आजाद नहीं या फिर जिसे आजादी समझ रहे हैं वह गुलामी का ही एक परिष्कृत रूप है। सुसज्जित…

साम्ययोगी समाज का आधार विकेंद्रित अर्थरचना है

14 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह अंतर्राष्ट्रीय संगीति में डॉ.पुष्पेंद्र दुबे समाज में अशांति का कारण श्रम को टालना है। विषमता का मूल कारण यही है। विज्ञान के साधन इसे दूर करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। गलत आर्थिक…

राजनीतिक शून्‍य से बनता है, बेपरवाह समाज

तमाम अटकल-पच्चियों के बावजूद सवाल है कि क्‍या हमारा समाज आजादी के बाद के सबसे बडे पलायन को भोगने की तकलीफों को महसूस करना भी छोड़ चुका है? या फिर ‘पहचान,’ ‘धर्म’,’ ‘बहु-संख्‍यकवाद’ जैसी कोई और बात है जिसके चलते…

भय-मुक्ति स्वाधीनता का मूल है

73वें ‘स्‍वतंत्रता दिवस’ (15 अगस्‍त) पर विशेष स्‍वाधीनता, स्‍वावलंबन और भय-मुक्ति मानव सभ्‍यता की बुनियाद हैं। इन्‍हें साधना, एक सम्‍पन्‍न समाज और सभ्‍यता के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। प्रस्‍तुत है, इसी विषय पर प्रकाश डालता अनिल त्रिवेदी का यह लेख। आज़ादी, स्वाधीनता, फ्रीडम, स्वतंत्रता…

बीमारी और मौत के आँकड़ों से अब डर ख़त्म हो गया है ?

वर्तमान महामारी ने व्यक्ति, परिवार, समाज,राष्ट्र और एक विश्व नागरिक के रूप में सभी को किस कदर बदलकर रख दिया है, अंदर से निचोड़कर भी। हमें पता ही नहीं चल पाया कि पिछले पाँच महीनों के दौरान हम कितने बदल…

विनोबा का भूदान आंदोलन करुणा का महाकाव्य है

13 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति में डॉ. उल्हास जाजू विनोबा जी ने स्वराज्य के कंधे पर बैठकर सर्वोदय विचार की आराधना की। उन्होंने गांधी युग की अहिंसा के नकारात्मक भाव को अपने रचनात्मक कार्यों से विधायक…

समाचार

‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में केंद्र सरकार ने किया संशोधन

केंद्र सरकार ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को मजबूती प्रदान करने के लिए ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में संशोधन कर दिया है, यह देश भर के सभी पत्रकारोंके लिए लागू हो गया है, दरअसल केंद्र सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के…

भगवद्गीता असांप्रदायिक ग्रंथ है

12 अगस्‍त को विनोबा विचार प्रवाह की अंतर्राष्ट्रीय संगीति में विदुषी उषा बहन श्रीमद्भवद्गीता असांप्रदायिक ग्रंथ है। इस ग्रंथ में कहीं पर भी विचारों का आक्रमण नहीं किया गया है। यह ग्रंथ भारत ही नहीं दुनिया के चिंतकों में लोकप्रिय…

“हाथी” क्यों ना रहा “साथी” ?

विश्व हाथी दिवस 12 अगस्त पर विशेष हाथियों की रक्षा और सम्मान करने और उनके सामने आने वाले खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्‍य से हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है। हाथी…