वन्‍य जीव एवं जैव विविधता

ओरण के अस्तित्व के लिए ‘राष्ट्रीय गोसेवा नीति’

अरावली संरक्षण को लेकर उठे हाल के जनांदोलन ने एक बार फिर चरोखर यानि ‘ओरण’ और दुधारू पशुओं की अहमियत भी उजागर कर दी है। दरअसल पर्यावरण आसपास की तमाम-ओ-तमाम प्राकृतिक इकाइयों के मिलने से बनता है जिनमें चरोखर और…

“अरावली पर्वतमाला की पारिस्थितिकी, पर्यावरण और कृषि” विषयक अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव की जनघोषणा

उदयपुर। भारत और दुनिया से आए विशेषज्ञ एवं पर्यावरण चिंतक अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के साझा संकल्प के साथ उदयपुर में एकत्र हुए। 7–8 फरवरी को जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय) में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव, चौथे…

सोलर प्रोजेक्ट बनाम खेजड़ी : राजस्थान में संरक्षण की निर्णायक लड़ाई

राजस्थान में इन दिनों राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर बड़ा जन-आंदोलन उभरकर सामने आया है। बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में सोलर पावर परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कथित कटाई के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरे…

पेड़ संसार : बेकार नहीं है बबूल !!

कभी, कहीं वृक्षारोपण करना हो तो बबूल का नंबर सबसे अंत में आता है। वजह है, बबूल से जुड़ी उसके नकारा होने की अफवाहें। अरावली पर्वत श्रृंखला के उजाड़े जाने की महती देशव्यापी चर्चा के बीच इस कांटेदार बबूल की…

रेडटेप आंदोलन के प्रणेता प्रभात मिश्रा को मिला ‘निर्मल कुमार जोशी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार’

बांदा, 04 फ़रवरी। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के ग्राम अंधाव, बबेरू में चण्डी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र तथा मंगलभूमि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम में पर्यावरणविद् एवं ‘रेडटेप आंदोलन’ के प्रणेता प्रभात मिश्रा को…

कृषि संसार वन्‍य जीव एवं जैव विविधता

नीलगाय और जंगली सुअर : खेती और नीति की समस्या

नीलगायों और जंगली सुअरों का फसलों को चौपट करने के लिए खेतों में उतरना एक तरह से कथित ‘वैज्ञानिक वानिकी’ का ही नतीजा है। कई इलाकों में वन्यप्राणियों के वन-निवासियों से घातक द्वंद्व भी इसी पद्धति से उपजे हैं। इनसे…

अरावली बचाने के लिए पर्यावरणविद राजेंद्र सिंह की सुप्रीम कोर्ट से गुहार, स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह

नई दिल्ली 27 दिसंबर।  देश की प्राचीन और जीवनदायिनी अरावली पर्वतमाला पर गहराते संकट को लेकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद राजेंद्र सिंह ने सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने न्यायालय से अरावली के संरक्षण के लिए…

अरावली पर बढ़ते खनन संकट के विरुद्ध संकल्प : अरावली पर्वतमाला को बचाने की पुकार

विश्व पर्वत दिवस पर अरावली का संकट राष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। निर्णयों ने पर्वतमाला के बड़े हिस्से को खनन के लिए सौंपने का रास्ता खोल दिया है, जिससे गाँवों की जल–कृषि व्यवस्था, वन्यजीवों का जीवन और पर्यावरणीय…

धरती के दिग्गज का संकट : हाथियों की घटती दुनिया

धरती के सबसे बड़े जमीनी जीव हाथी, जो बुद्धिमान और सामाजिक स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, आज अस्तित्व के संकट में हैं। आवास विनाश, मानव-हाथी संघर्ष, अवैध शिकार और कैद में दुर्व्यवहार ने उनकी संख्या को तेजी से घटाया…

स्वस्थ और सुखी रहना है तो प्रकृति के साथ जीना होगा

28 जुलाई को मनाया जाने वाला ‘विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस’ हमें इस सच्चाई से रूबरू कराता है कि लगातार मानवीय गतिविधियों और प्रकृति से छेड़छाड़ के चलते मौसम चक्र असंतुलित हो चला है। ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़, सूखा, वनों की आग…