मध्यप्रदेश में पानी की कमी से बिलबिलाते बुंदेलखंड में इन दिनों हीरा उत्खनन और उसके विरोध की आपाधापी का दौर जारी है। ठीक इन्हीं परिस्थितियों में करीब तीन दशक पहले अफ्रीका में भी ऐसा ही कुछ हुआ था। बोत्सवाना में…
आधुनिक कथित वैज्ञानिक वानिकी की एक खासियत यह भी है कि वह पीढियों से चले आ रहे वनों के कारगर, परम्परागत प्रबंधन को अनदेखा करते हुए उन्हें लगभग मूर्खतापूर्ण ढंग से खारिज करती है। उत्तराखंड में भी करीब नौ दशक…
हीरा उत्खनन के लिए सस्ती कीमत पर दिए जा रहे बुंदेलखंड के जंगलों ने एक तरफ ऑक्सीजन यानि प्राणवायु और दूसरी तरफ अमीरों के श्रंगार में जरूरी हीरे को एक-दूसरे के सामने खडा कर दिया है। अब हमारी सरकार, सेठ…
कोरोना महामारी के दौरान सर्वाधिक याद किया जाने वाला तत्व ऑक्सीजन या प्राणवायु रहा है जो हमारे आसपास के पेड-पौधों की मेहरबानी से वायुमंडल में इफरात में मौजूद है, लेकिन उसके साथ हम क्या करते हैं? ‘केजी-1’ में पढने वाले…
बक्सवाहा (Baxwaha) में हीरा खनन की सरकारी कोशिशों और नागरिकों के विरोध पर तदर्थ कमेटी की रिपोर्ट मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बक्सवाहा का नाम इन दिनों सरकार, कारपोरेट, सामाजिक संगठन और पर्यावरण प्रेमियों की जुबान पर है। वजह…
मध्यम वर्ग ने एक जीवन मंत्र अपना लिया है। खूब कमाओं और खूब खर्च करो। खर्च करने के लिए सोने के बाद अब हीरे का लालच है। और हीरा मिला है बक्सवाहा के जंगलों में। लेकिन इसके लिए लाखों पेड़…
पिछले कुछ सालों से लगातार सूखे की मार झेलते बुंदेलखंड में अब पानी देने वाले जंगलों पर खतरा मंडराने लगा है। यह खतरा समाज के बेहद छोटे, ऊपरी अमीर तबके की हीरे की हवस के रूप में आया है। कहा…
प्रकृति को ‘प्रसाद’ मानने और उसी लिहाज से उसके ‘फलों’ का उपभोग करने की नैतिक, आध्यात्मिक निष्ठा के अलावा बीसवीं सदी में रचा गया हमारा संविधान भी पर्यावरण को लेकर खासा सचेत है। उसके कई हिस्से जल, जंगल, जमीन, वायु…
कोविड-19 महामारी के इस दौर में जिस अदृश्य, अ-स्पर्शनीय, गंधहीन और केवल महसूस की जाने वाली प्राणवायु यानि ऑक्सीजन की शिद्दत से जरूरत महसूस की जा रही है, वह अपने आसपास की वनस्पतियों, पेडों में भरपूर मौजूद है। लेकिन क्या…
ग्रामीण बेरोजगारी के संकट के इस दौर में देश के ख्यात सामाजिक संगठन ‘एकता परिषद’ ने एक अभिनव प्रयोग किया है। काम के बदले अनाज की पारम्परिक पद्धति में श्रम की प्रतिष्ठा जोडकर ‘एकता परिषद’ ने ग्रामीणों को अपने इलाके…