जंगलों के बाहर वृक्षों के विकास के लिए रोडमैप हुआ जारी
विश्व संसाधन संस्थान भारत द्वारा जारी रिपोर्ट अगर किसान जंगलों के बाहर वृक्षारोपण की प्रथा को बढ़ावा दें तो उन्हें सात प्रकार के मौद्रिक और तीन प्रकार के गैर-मौद्रिक प्रोत्साहन लाभ मिल सकते हैं। इन लाभों में शामिल है इनपुट…
नियमों के जरिए कमजोर किया जाता, ‘पेसा’ का प्रभाव
‘पेसा कानून’ के पारित होने की करीब चौथाई सदी बीत जाने के बाद अब जाकर मध्यप्रदेश में उसे लागू करने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। विडंबना यह है कि इन नियमों में अनेक विसंगतियां हैं। मसलन- जिस ग्रामसभा…
जलकुंभी : कचरे से कंचन तक की यात्रा
भारत में जलकुंभी के कारण जल स्रोतों को होने वाले संकट के कारण इसे ‘बंगाल का आतंक’ भी कहा जाता है। यह एकबीजपत्री, जलीय पौधा है, जो ठहरे हुए पानी में काफी तेज़ी से फैलता है और पानी से ऑक्सीजन…
क्या हम बचा पाएंगे अपने जंगल ?
वनों के महत्व को समझने-समझाने में हम लगातार चूक कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि हम लगातार वनों को खोते जा रहे हैं। भारतीय वन सर्वेक्षण चाहे कितना भी दावा कर लें, पर वनों का प्रतिशत…
‘गायब’ हो गए देश के जंगल, भारतीय वन सर्वेक्षण के आकलन की पड़ताल में खासा अंतर
इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट-2021 के अनुसार, देश में ‘रिकॉर्डेड’ वन-क्षेत्र 7.75 करोड़ हेक्टेयर है, जबकि इस जमीन पर वन-क्षेत्र के मौजूदगी 5.16 करोड़ हेक्टेयर में ही है। इसका मतलब यह है कि वनों के रूप में वर्गीकृत क्षेत्र का…
पर्यावरण : नदी-कटान की चपेट में जीवन
देशभर में नदियों को जीवन-दायिनी माना जाता है, लेकिन कई इलाकों में वे काल बनकर भी आती हैं। देश में नदी-तट के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां नदियों के बहाव से लगातार जमीन कटती जा रही है। उपलब्ध अनुमानों के…
पांच राज्यों में चुनाव : खारिज होता पर्यावरण
पांच राज्यों की विधानसभाओं के आसन्न चुनावों में हमेशा की तरह वे सभी धतकरम किए जा रहे हैं जिन्हें हमारे मौजूदा तर्ज के लोकतंत्र ने आत्मसात कर लिया है, लेकिन क्या इस धमा-चौकडी में हमारे जीवन के लिए जरूरी पर्यावरणीय…
चारधाम सड़क परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति के अध्यक्ष पर्यावरणविद रवि चोपडा ने दिया त्यागपत्र
अंतररात्मा की आवाज पर समिति से बाहर हो रहा हॅू : रवि चोपडा उत्तराखंड में चल रही चारधाम परियोजना में लगातार कट रहे जंगलों की निगरानी करने वाली सुप्रीम कोर्ट की उच्च अधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के अध्यक्ष एवं प्रख्यात…
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022: 24 लाख वनवासियों के सम्मानपूर्वक जीवन, विकास और पर्यावरण के लिए वनाधिकार कानून लागू हो
वन पंचायत संघर्ष मोर्चा की मतदाताओं, प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों से अपील जल, जंगल, जमीन पर स्थानीय समाज के हकों के सवाल ने उत्तराखंड राज्य को जन्म दिया था, परंतु इतने संघर्षों के पश्चात राज्य में यह हक निरंतर घटते…
हीरा खोदकर हारे पन्ना-वासी
पिछले दिनों छतरपुर जिले के बक्सवाहा इलाके में हीरा उत्खनन को लेकर भारी बवाल मचा था। कई पर्यावरणविदों ने पानी के लिए तरसते बुंदेलखंड में जंगल कटाई का विरोध किया था तो अनेक स्थानीय लोगों ने रोजगार के लिए इस…









