स्‍वास्‍थ्‍य

स्वास्थ्य बजट : बढ़ता आवंटन, घटती जवाबदेही

हमेशा की तरह इस बार भी हमने अपने बजट में वे ही कारनामे किए हैं जिनके चलते स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्र साल-दर-साल फिसड्डी होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य में हमने पिछले सालों की तरह एक तरफ, भारी-भरकम आवंटित…

CAG ऑडिट का खुलासा, पाँच साल में स्वास्थ्य बजट के 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हुए

नई दिल्ली, 02 फरवरी | केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बढ़े हुए आवंटन के दावों के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताज़ा ऑडिट रिपोर्ट ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की एक गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने…

फार्मा, निजी क्षेत्र और मेडिकल टूरिज़्म को बढ़ावा, बुनियादी जन-स्वास्थ्य फिर हाशिये पर

बजट 2026 पर जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) की प्रतिक्रिया नई दिल्ली 01 फरवरी। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था को लगभग पूरी तरह नज़रअंदाज़ करता है,…

इंदौर में दूषित पेयजल से मौतें CAG की चेतावनियों और अनुशंसाओं की अनदेखी का भयावह परिणाम

इंदौर/भोपाल, 4 जनवरी। “स्वच्छ शहर” के रूप में प्रचारित इंदौर में दूषित पेयजल के कारण हो रही लगातार मौतों ने प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच की गहरी खाई को उजागर कर दिया है। जन स्वास्थ्य अभियान, मध्यप्रदेश (सम्बद्ध…

इंदौर : स्वच्छता के तमगे और दूषित पानी की सच्चाई 

इंदौर को वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा मिलता रहा है, लेकिन दूषित पेयजल से हुई 14 मौतों ने इस छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा बताता है कि स्वच्छता के दावों के…

स्वास्थ्य सेवाओं में पीपीपी पर उठे सवाल, निजीकरण को बताया जनहित के लिए खतरा

भोपाल, 22 दिसंबर। स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में सार्वजनिक–निजी भागीदारी (पीपीपी) के बढ़ते प्रयोग को लेकर जन स्वास्थ्य से जुड़े संगठनों ने गहरी चिंता जताई है। सोमवार को भोपाल में ‘एक्‍शन अगेन्‍स प्रायवेटाइजेशन आफ मेडिकल एजुकेशन एवं हेल्‍थ सर्विसेस’…

स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के बढ़ते खतरे के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान चलाने की घोषणा  

रायपुर राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य सम्मेलन में पारित हुए महत्‍वपूर्ण प्रस्ताव रायपुर, 10 दिसंबर। स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण और व्यावसायीकरण से उत्पन्न खतरे को रोकने के लिए राष्ट्रीय अभियान चलाने तथा अप्रैल 2026 में व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर पखवाड़ा मनाने…

चरम मौसम की घटनाएं जानलेवा साबित हो रहा है

भारत में चरम मौसम घटनाओं की रफ्तार भयावह स्तर तक बढ़ चुकी है। हीटवेव, बाढ़, चक्रवात, बादल फटना और बिजली गिरने जैसी आपदाएँ अब लगभग पूरे साल देश के किसी न किसी हिस्से को प्रभावित कर रही हैं। इनकी बढ़ती…

पर्यावरण और स्वास्थ्य की राह : क्यों जरूरी है वनस्पति-आधारित आहार?

जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे, जबकि उपभोक्तावादी जीवनशैली ग्रीनहाउस गैसों को और बढ़ा रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार पादप-आधारित आहार अपनाना उत्सर्जन घटाने का प्रभावी तरीका है। पेड़–पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ…

कैंसर से बचाव के लिए जागरुकता की जरुरत                 

हर वर्ष 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है, क्योंकि कैंसर भारत सहित विश्व में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक बन चुका है। राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार भारत में जीवनभर में 11 प्रतिशत लोगों…