सुदर्शन सोलंकी

खाद्यान्न की बर्बादी : खतरे में खाद्यान्न

दुनियाभर में सबके लिए पेट-भर भोजन एक बडी समस्या बनता जा रहा है, लेकिन उससे पार पाने के लिए कोई कारगर उपाय सामने नहीं आ रहे हैं। दूसरी तरफ, बडी मात्रा में खाद्यान्न की बर्बादी इस संकट की विडंबना को…

आत्महंता समय और समाज : ‘कॉप – 27’ भी क्या कर लेगा?

इन दिनों, छह से 18 नवंबर ’22 के दौरान, मिस्र के शर्म-अल-शेख में ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ का सालाना जलवायु सम्मेलन, कॉप-27 जारी है। इसमें दुनिया भर के करीब सौ राष्ट्र-प्रमुख बढती गर्मी और नतीजे में भीषण जलवायु-परिवर्तन पर विचार-विमर्श कर…

हरित और सामूहिक आतिशबाजी से मनाएं दीपावली

राम के वनवास से लौटने के उत्सव के साथ-साथ आजकल दीपावली प्रदूषण की मार से डराती भी है। नतीजे में कई राज्य सरकारें आतिशबाजी पर कडाई से रोक लगा देती हैं। सवाल है, कैसे बचा जा सकता है, पटाखों के…

मानसून में मजे के साथ संकट

देश में 60-62 फीसदी सिंचाई के लिए जिम्मेदार मानसून बहुत आनंददायी होता है। उत्सव के दर्जे का ऐसा मानसून अपने साथ कई ऐसी आपदाएं भी लाता है जिनसे निपट पाना अक्सर कठिन होता है। मानसून एक तरफ जहां आनंद, उल्लास और…

कैसे करें पर्यावरण की परवाह

‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (5 जून) पर विशेष हर साल पर्यावरण दिवस के बहाने हम लगातार बदहाल होते अपने परिवेश का लेखा-जोखा तो कर लेते हैं, लेकिन उसे लेकर गंभीरता से कोई पहल नहीं करते। क्या हमारा यह व्यवहार प्रकृति, पर्यावरण और…

महासंकट : पानी पर परामर्श

हर साल की तरह अब फिर पानी पर परामर्श का मौसम शुरु हो गया है और हमेशा की तरह हम फिर पानी बचाने, संवारने, संरक्षित करने की तमाम-ओ-तमाम नेक सलाहों को ‘दूसरे कान’ से निकालने के लिए तैयार भी हो…

पर्यावरण : प्रकृति को पछाड़ता प्लास्टिक

प्लास्टिक को बनाया तो इंसान ने ही है, लेकिन अब वही प्लास्टिक, भस्मासुर की तरह इंसान और उसके प्राकृतिक पर्यावास पर संकट बनकर खडा हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन ‘वर्ल्ड वाइड फंड’ (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 2030…

नववर्ष 2022 : नाना प्रकार के नए साल

विश्वभर के विभिन्न देशों, समाजों में नववर्ष मनाने की अपनी-अपनी भिन्न-भिन्न परम्पराएं हैं। साल के समाप्त होने और नए साल के शुरु होने के उत्सव कैसे मनाए जाते हैं? प्रस्तुत है विभिन्न देशों में नववर्ष मनाने की झलकियां। विश्व में…

प्रकृति : समुद्री सम्पदा की समाप्ति में लगी जेलीफिश

प्रकृति के साथ इंसानी रिश्तों की बदहाली आए दिन हमें भीषण प्राकृतिक आपदाओं के रूप में भोगना पडती हैं, लेकिन इंसान इसे कभी सुधारने की कोशिश नहीं करता। करोडों साल के इतिहास में प्रकृति खुद अपने को बार-बार समाप्त और…