राज कुमार सिन्हा

संविधान बनाम खनन : पचामा दादर में पर्यावरणीय न्याय की परीक्षा

मध्यप्रदेश के बालाघाट स्थित पचामा दादर बॉक्साइट ब्लॉक की प्रस्तावित खनन परियोजना पर्यावरणीय मानकों, जल संसाधन आकलन और वनाधिकार प्रावधानों की गंभीर अनदेखी के आरोपों में घिर गई है। अधूरी ईआईए रिपोर्ट, घटते भूजल स्तर, समृद्ध जैव विविधता वाले वन…

डिंडोरी : समृद्ध जल संसाधनों के बीच प्यासा आदिवासी समाज

डिंडोरी को जल अभावग्रस्त घोषित किया जाना केवल प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि गहराते जल संकट की गंभीर चेतावनी है। गिरते भूजल, सूखते स्रोतों और बढ़ती गर्मी के खतरे के बीच पानी के उपयोग पर नियंत्रण लागू किया गया है। आदिवासी…

‘अमीरों की सत्ता का प्रतिरोध’ : ‘डब्ल्यूईएफ’ में जारी ‘ऑक्सफैम’ की रिपोर्ट

दुनियाभर के दिमागों को दुरुस्त करने वाली ‘ऑक्सफैम’ की रिपोर्ट फिर हाजिर है। 19 से 23 जनवरी के बीच हो रहे ‘वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम’ के पहले दिन चेतावनी-स्वरूप जारी की गई इस रिपोर्ट ने दुनियाभर के आर्थिक विकास की पोलपट्टी…

विद्युत सुधार : निजीकरण के सौ बहाने

करीब दो दशक पहले ‘टाटाराव कमेटी’ ने घाटे में चल रहे ‘मध्यप्रदेश विद्युत मंडल’ को ‘मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड’ में तब्दील करके दावा किया था कि अब इसके अंतर्गत बनी ‘मध्यक्षेत्र,’ ‘पूर्व क्षेत्र’ और ‘पश्चिम क्षेत्र’ की तीन कंपनियां…

चरम मौसम की घटनाएं जानलेवा साबित हो रहा है

भारत में चरम मौसम घटनाओं की रफ्तार भयावह स्तर तक बढ़ चुकी है। हीटवेव, बाढ़, चक्रवात, बादल फटना और बिजली गिरने जैसी आपदाएँ अब लगभग पूरे साल देश के किसी न किसी हिस्से को प्रभावित कर रही हैं। इनकी बढ़ती…

‘पेसा’ की पहल से बढ़ेगा जनजातियों का गौरव

लगभग तीन दशक पहले भारत की संसद ने आदिवासी इलाकों के लिए एक बेहद जरूरी कानून ‘पेसा’ पारित किया था। इसमें आदिवासी समाज को उनकी पारंपरिक स्वायत्तता और उसी के मुताबिक आसपास के संसाधनों को वापरने की अनुमति दी गई…

विविधता में एकता ही सर्वश्रेष्ठ भारत की पहचान

राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का मेल नहीं, बल्कि विविधताओं के बीच बंधुत्व, सहिष्णुता और साझा मूल्यों की भावना है, जो भारत को “एकता में अनेकता” का जीवंत उदाहरण बनाती है। सरदार पटेल के एकीकरण से लेकर बाबा आमटे की…

वन अधिकार कानून और वन संरक्षण अधिनियम आदिवासी हितों का पूरक

वनवासियों के आवास अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम और वन संरक्षण अधिनियम के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसा ढांचा तैयार किया जाए जिससे वनवासी समुदाय को आवास का…

बालाघाट में आदिवासी समाज का दो दिवसीय ‘घेरा ड़ालो-डेरा डालो’ आंदोलन शुरू

वनग्रामों के विस्थापन के खिलाफ जनसंघर्ष का आह्वान बालाघाट, 8 अक्‍टूबर। वन ग्रामों  को विस्थापित किए जाने सहित जल, जंगल, जमीन और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर जन संघर्ष मोर्चा महाकौशल के बैनर तले आज से दो दिवसीय घेरा डालो- डेरा…

सार्वजनिक संस्थानों में नौकरियों की आउटसोर्सिंग शोषण का जरिया नहीं बन सकती : सुप्रीम कोर्ट

राज कुमार सिन्हा  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले संविदाकर्मियों का मुद्दा गर्मा गया है। कुछ दिन पहले पटना में  संविदा कर्मचारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अपनी नौकरी पक्की करने और बकाया वेतन की मांग को लेकर, लगभग…