पिछले यानी 16 दिसम्बर देश की दो हस्तियां हमसे अलविदा हो गयी एक तो प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन तथा दूसरों जंगलों का विश्वकोष कहीं जाने वाली तुलसी गौड़ा। तुलसी गौड़ा का नाम ही हिन्दुओं के पवित्र एवं पूजनीय…
दीपावली, नव-वर्ष जैसे अनेक त्यौहार हम भरपूर रोशनी और आतिबाजी के साथ मनाते हैं। लेकिन क्या हमें मालूम है कि जरूरत से ज्यादा रोशनी भी हमें बीमार कर सकती है? बढ़ता प्रकाश प्रदूषण मानव स्वास्थ्य, फीट पतंगों व पक्षियों, पेड़-पौधों…
केरल का वायनाड हो या उत्तराखंड का जोशीमठ, सभी ने पिछले कुछ सालों में भीषण त्रासदियों को भुगता है। विडंबना यह है कि ये त्रासदियां विकास-के-अंधे राजनेताओं, नीति-निर्माताओं और बिल्डर-ठेकेदारों के कॉकस की पहल पर बाकायदा जानते-बूझते रची जा रही…
मौजूदा आम चुनावों में सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी ओर से नागरिकों को थोक में तरह-तरह की ग्यारंटी दे रहे हैं, लेकिन किसी का ध्यान जीवन की बुनियादी जरूरत, हवा और पानी की ग्यारंटी की तरफ नहीं है। क्या इन दोनों…
बहुत अधिक पीछे न जाकर पिछले 11-12 वर्षों में घटी प्रमुख त्रासदियों (केदारनाथ, जोशीमठ एवं सिक्किम) तथा मौसम की चरम घटनाओं को देखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि सभी राजनैतिक दल आगामी लोकसभा चुनाव (2024) में पर्यावरण को महत्व दें।…
भू-वैज्ञानिक मानते हैं कि इंडियन पेनिसुला के यूरेशियन प्लेट से टकराने के नतीजे में धरती हिलती-डुलती है और भूकम्प आते हैं। इसके अलावा धरती के भीतर की ऊर्जा के दबाव में भी भूकम्पन होता है, लेकिन इसके प्रभाव-क्षेत्र में इंसानी…
‘सिया राममय सब जग जानी…’के इस दौर में एक सवाल यदा-कदा उठता रहता है कि रामायण कोई गल्प है या एक सच्ची, ऐतिहासिक गाथा? कुछ विद्वान शोधार्थियों ने इस पर काम किया है। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की स्थापना के…
28 नवंबर को करीब 17 दिन से बारामासी सड़क की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 41 मजदूरों का सुरक्षित बाहर निकलना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। दुनियाभर के वैज्ञानिकों में ‘बच्चा पहाड़’ माने जाने वाले हिमालय में ऐसी त्रासदियां लगातार होती…
हमारे देश में एक वर्ष में बट्स सहित सिगरेट का कचरा लगभग 03 करोड़ टन निकलता है। एक किलो सिगरेट के कचरे में लगभग 3000 बट्स पाये जाते है। बट्स में पाये जाने वाले कैसरजन्य रसायनों से पैदा खतरों के…
Fasting उपवास, खासकर वर्षा ऋतु में, स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होता है। आजकल उपवास की हमारी यह देशी परम्परा खाती-अघाती-मुटाती मध्यम-वर्गीय दुनिया में भी लोकप्रिय होती जा रही है। कैसे काम करती है, यह पद्धति? क्या हैं उसके लाभ? इसी…