“30 जनवरी” त्रैमासिक पत्रिका का लोकार्पण
भागलपुर, 27 अप्रैल। गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र के सभागार में “30 जनवरी” नामक राष्ट्रीय त्रैमासिक पत्रिका का लोकार्पण सामूहिक रूप उपस्थित लोगों द्वारा किया गया । दिशा ग्रामीण विकास मंच बैजानी के अकादमिक पहल के अंतर्गत इस पत्रिका का प्रकाशन…
जनगणना 2027 : डिजिटल युग में भारत की सामाजिक-राजनीतिक पुनर्रचना
जनगणना में जरूरी प्रवासी – मजदूर
करीब डेढ़ दशक बाद होने जा रही ‘जनगणना 2027’ में जातियों की बहुप्रचारित मर्दुमशुमारी के अलावा उन असंख्य प्रवासी-मजदूरों का भी महत्व होना चाहिए जो हमारे ‘जीडीपी’ को अनजाने में आसमान तक पहुंचाने में लगे हैं। आखिर किसी भी योजना…
एक ही एमबीबीएस डिग्री से दो डॉक्टर ! देवास–बालाघाट मामले ने खोली स्वास्थ्य तंत्र की पोल
भोपाल, 23 अप्रैल। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ही एमबीबीएस डिग्री का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग स्थानों देवास और बालाघाट में दो व्यक्ति डॉक्टर के रूप…
पंचायती राज : लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल
भारत में पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे 73वें संविधान संशोधन के जरिए संवैधानिक दर्जा मिला। वैदिक काल से चली आ रही स्थानीय स्वशासन की परंपरा को आधुनिक स्वरूप देते हुए…
पंचायत राज : विकेंद्रीकरण का सपना या जमीनी हकीकत से भटका तंत्र?
भारत में 73वें संविधान संशोधन के जरिए मजबूत की गई पंचायत राज व्यवस्था का उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोकतंत्र, विकास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था। लेकिन 33 वर्षों बाद भी यह व्यवस्था अपनी मूल भावना से भटकती दिख…
संग-साथ का श्रम : खेती के लिए ‘अड़जी-पड़जी’
नब्बे के दशक की शुरुआत में आए भू-मंडलीकरण के बाद की सभी रंगों-झंडों की सरकारों की सबसे बड़ी चिंता रही है – कृषि में लगी ग्रामीण आबादी के ‘सरप्लस’ को किस तरह उद्योगों यानि शहरों की तरफ हकाला जाए। विडंबना…
मध्य प्रदेश में जमीन अधिग्रहण मुआवजा अब चार गुना, कैबिनेट का बड़ा फैसला, नर्मदा बचाओ आंदोलन की बड़ी जीत
किसानों और नर्मदा बचाओ आंदोलन के संघर्ष बाद सरकार ने बदला मुआवजा फॉर्मूला भोपाल, 22 अप्रैल। आज मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में फैसला लिया है कि भू-अर्जन कानून 2013 के तहत दिए जाने वाले मुआवजे में गुणांक (मल्टीफिकेशन फैक्टर)…
संकट के मुहाने पर खड़ी पृथ्वी
22 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व पृथ्वी दिवस हमें आत्ममंथन का अवसर देता है। विकास और उपभोग की अंधी दौड़ के बीच पृथ्वी अभूतपूर्व संकट से गुजर रही है—जलवायु परिवर्तन, जल संकट, प्रदूषण और घटती जैव विविधता इसके स्पष्ट…
अरावली की परिभाषा पर सवाल : विरासत बनाम खनन का संघर्ष
अरावली पर्वतमाला की परिभाषा को लेकर उठे सवाल अब राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुके हैं। स्वतः संज्ञान याचिका के तहत यह मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, जहां 100 मीटर ऊंचाई के आधार पर क्षेत्र सीमित करने पर विवाद…









