बेंगलुरु में आयोजित एकदिवसीय उपवास में युवाओं ने दिया अहिंसा और सौहार्द का संदेश बंगलूरू, 3 अप्रैल। प्रसिद्ध गांधी चिंतक और कर्नाटक के वरिष्ठ सर्वोदय आंदोलनकारी ई.पी. मेनन ने आज गांधी भवन, बेंगलुरु में आयोजित विश्व शांति के लिए एक…
गुजरात में खतरनाक अपशिष्ट और सिलिकोसिस का बढ़ता संकट, मोरबी में उठी आवाज मोरबी, 03 अप्रैल। जन स्वास्थ्य अभियान भारत (JSAI) द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 1 से 7 अप्रैल 2026 तक व्यावसायिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य से जुड़े…
5 अप्रैल को धुले में होगा सम्मान समारोह धुले, जलगांव। गांधीवादी विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष रामधीरज बालेश्वर सिंह को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘जमनाबेन लोकसेवक पुरस्कार’ से सम्मानित…
आज की दुनिया में जिस असीमत उपभोग पर टिकी जीवन-दृष्टि का सम्राज्य कायम है, उसमें हिंसक युद्ध, जहरीला भेदभाव और गैर-बराबरी मामूली पड़ाव भर हैं। खाड़ी देशों, खासकर ईरान के खिलाफ अमरीकी-इजरायली हवस के चलते फांदे गए भीषण युद्ध, अमानवीय,…
हर वर्ष 30 मार्च को मनाया जाने वाला ‘अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस’ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली का वैश्विक संदेश देता है। इसका उद्देश्य कचरा कम करना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है। बढ़ते प्लास्टिक उपयोग और खाद्य…
“नारी एक—जिम्मेदारियां अनेक” विषय पर परिसंवाद, ईद मिलन समारोह संपन्न इंदौर, 29 मार्च। आवाज़ ग्रुप द्वारा आयोजित ईद मिलन समारोह इस वर्ष “नारी एक—जिम्मेदारियां अनेक” थीम के साथ इंदौर प्रेस क्लब सभागार में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का…
पश्चिम एशिया में मची भारी उठा-पटक ने कई मानवीय त्रासदियों के साथ ऊर्जा संकट को भी गहरा दिया है। भारत जैसे, अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए करीब 90 फीसद आयात पर निर्भर देश इस मारा-मार में भारी कठिनाइयों का सामना…
नईदिल्ली। 23 मार्च (भगत सिंह के शहादत दिवस) से 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती) तक चलने वाले असमानता विरोधी अभियान की शुरुआत देश के विभिन्न हिस्सों में जन-कार्रवाइयों के साथ हुई। विभिन्न संगठनों द्वारा शुरू किए गए इन कार्यक्रमों में संपत्ति…
‘एकता परिषद’ के अध्यक्ष डॉ. रनसिंह परमार का यूं अचानक हम सबसे सदा के लिए विदा होना, हालांकि एक बार फिर जीवन की क्षणभंगुरता को ही उजागर करता है, लेकिन थोड़े धीरज से देखें तो उनकी कमी कई जगहों पर,…
पूर्वोत्तर तिब्बत के एक छोटे से घर से शुरू हुई ल्हामो थोंडुप की यात्रा 14वें दलाई लामा के रूप में विश्वव्यापी करुणा और शांति के संदेश तक पहुंचती है। निर्वासन, राजनीतिक संघर्ष और सांस्कृतिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अहिंसा, लोकतंत्र…