Year: 2026

भगत सिंह और लोहिया : शहादत की विरासत और राजनीतिक विडंबना

23 मार्च केवल शहादत का दिन नहीं, बल्कि विचारों और संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की कुर्बानी तथा डॉ. राममनोहर लोहिया की समाजवादी दृष्टि हमें समानता, न्याय और धर्मनिरपेक्षता के…

जल की उपलब्धता और शुद्धता का संकट

भारत में जल संसाधनों का असमान वितरण और तेजी से गिरता भूजल स्तर एक गंभीर संकट का संकेत है। बढ़ती खपत, प्रदूषण और कमजोर प्रबंधन के कारण स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। यदि समय रहते संरक्षण, पुनर्भरण और प्रभावी…

अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस : क्या भारत की अपेक्षा अमेरिकी जनता अधिक खुश है ?

भूटान की “सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता” की अवधारणा से प्रेरित अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (20 मार्च) आज विकास की नई परिभाषा प्रस्तुत करता है। आय से आगे बढ़कर जीवन की गुणवत्ता, सामाजिक संबंध और मानसिक संतोष को महत्व देने वाली यह सोच,…

विनोबा परंपरा के अग्रणी कर्मयोगी बालविजयजी के निधन से खादी आंदोलन को अपूरणीय क्षति, गांधी संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि

वर्धा, 19 मार्च। प्रख्यात गांधीवादी चिंतक, खादी सेवक और विनोबा परंपरा के अग्रणी कर्मयोगी आचार्य श्री बालविजयजी (100 वर्ष) के निधन पर देशभर की गांधीवादी संस्थाओं और प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। सर्वोदय आंदोलन…

सामयिक : अपने-अपने ‘एपस्टीन’

इस साल की शुरुआत में उछली ‘ज्येफ्री एपस्टीन फाइल्स’ ने साबित कर दिया है कि असीमत पूंजी इंसान की अंतर्निहित गंदगी को कई-कई गुना बढ़ाती, उजागर करती है। कहा जा रहा है कि खाड़ी देशों में जारी उठा-पटक और दुनिया…

खादी जगत के वरिष्ठ गांधीवादी श्री बालविजयजी का निधन, अंतिम संस्कार आज शाम को पवनार में

डॉ. पुष्‍पेंद्र दुबे वर्धा/पवनार, 18 मार्च। प्रख्यात गांधीवादी चिंतक, खादी सेवक और विनोबा परंपरा के अग्रणी कर्मयोगी आचार्य श्री बालविजयजी (100 वर्ष) का आज दोपहर 12:30 बजे निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज सायं 5:00 बजे परमधाम मुद्रणालय, पवनार…

मौज-मजे के पर्यटन-स्थल बनते तीर्थ

सत्ता, सेठ और समाज में बढ़ी पूंजी की हवस ने अब पवित्र तीर्थों को पैसा कूटने वाले पर्यटन-स्थलों में तब्दील कर दिया है। यह इस हद तक हो रहा है कि तीर्थस्थलों के आसपास के लोगों, पर्यावरण और जीवन तक…

गांधी संस्‍थाओं के राष्ट्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन में ग्राम स्वराज, अहिंसा, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर मंथन

गांधी की दिशा में काम करने वालों को अपनी भूमिका नए सिरे से समझनी होगी : कुमार प्रशांत नई दिल्ली, 16 मार्च। केंद्रीय गांधी स्मारक निधि, गांधी शांति प्रतिष्ठान, नई दिल्ली तथा राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान…

वरिष्ठ गांधीवादी नेता डॉ. रन सिंह परमार पंचतत्व में विलीन, राजनीति और समाजसेवा जगत ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुरैना/ग्वालियर। एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता एवं महात्मा गांधी सेवा आश्रम के पूर्व सचिव रन सिंह परमार का 13 मार्च को छत्तीसगढ़ के तिल्दा ( रायपुर) में आयोजित आदिवासी सम्मेलन के दौरान आकस्मिक निधन हो गया…

गांधीवादी चिंतक एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रन सिंह परमार का निधन

चंबल में ग्राम स्वराज, खादी और भूमिहीनों के अधिकारों के लिए जीवन समर्पित भोपाल, 13 मार्च। प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता, गांधीवादी चिंतक और एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रनसिंह परमार (72) का शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे तिल्दा-नेवरा (छत्तीसगढ़)  में…