डिंडोरी को जल अभावग्रस्त घोषित किया जाना केवल प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि गहराते जल संकट की गंभीर चेतावनी है। गिरते भूजल, सूखते स्रोतों और बढ़ती गर्मी के खतरे के बीच पानी के उपयोग पर नियंत्रण लागू किया गया है। आदिवासी…
अरावली संरक्षण को लेकर उठे हाल के जनांदोलन ने एक बार फिर चरोखर यानि ‘ओरण’ और दुधारू पशुओं की अहमियत भी उजागर कर दी है। दरअसल पर्यावरण आसपास की तमाम-ओ-तमाम प्राकृतिक इकाइयों के मिलने से बनता है जिनमें चरोखर और…
पिछले कुछ हफ्तों में भारत ने ‘यूरोपियन संघ’ और अमरीका के साथ दो अलग-अलग व्यापार समझौते किए हैं। इन दोनों समझौतों में ‘यूरोपियन संघ’ के 27 देशों और अमरीका के भारी-भरकम सब्सीडी वाले कृषि उत्पादों को भारत में खपाने की…
उदयपुर। भारत और दुनिया से आए विशेषज्ञ एवं पर्यावरण चिंतक अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के साझा संकल्प के साथ उदयपुर में एकत्र हुए। 7–8 फरवरी को जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय) में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव, चौथे…
राजस्थान में इन दिनों राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर बड़ा जन-आंदोलन उभरकर सामने आया है। बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में सोलर पावर परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कथित कटाई के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरे…
अरावली पर्वतमाला में बढ़ते उत्खनन और वन क्षरण के बीच पड़ी 12 बड़ी दरारों ने मरुस्थलीकरण के खतरे को गंभीर बना दिया है। उपग्रह अध्ययनों पर आधारित सरकारी रिपोर्ट संकेत देती है कि इन कमजोर हिस्सों से थार की रेत…
आज परीक्षा केवल पाठ्यक्रम की नहीं, बच्चों के मनोबल की भी परीक्षा बनती जा रही है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, अपेक्षाएँ और तुलना का दबाव छात्रों में डर और असुरक्षा पैदा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सहयोगी माहौल, पर्याप्त विश्राम…
कभी, कहीं वृक्षारोपण करना हो तो बबूल का नंबर सबसे अंत में आता है। वजह है, बबूल से जुड़ी उसके नकारा होने की अफवाहें। अरावली पर्वत श्रृंखला के उजाड़े जाने की महती देशव्यापी चर्चा के बीच इस कांटेदार बबूल की…
उदयपुर में चतुर्थ विश्व जल सम्मेलन में अरावली क्षेत्र की पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं कृषि पर विमर्श रिपोर्ट पुनीत कुमार उदयपुर, 7 फरवरी। जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर में आयोजित चतुर्थ विश्व जल सम्मेलन के प्रथम दिवस पर देश विदेश…
तरह-तरह की योजनाओं, अनुदानों और देशी-विदेशी विश्वविद्यालयों की बढ़ौतरी के बावजूद हमारी शिक्षा प्रणाली कुछ ऐसी है कि जिसमें औसत आर्थिक, बौद्धिक हैसियत वाले विद्यार्थियों की कोई पहुंच नहीं हो पाती। ऐसे में अपेक्षाकृत कम आर्थिक, बौद्धिक हैसियत वालों की…