Year: 2025

मानवाधिकार की 77वीं वर्षगांठ : आज़ादी, बराबरी और न्याय के वादे पर फिर सवाल

हम 10 दिसंबर को मानवाधिकारों का उत्सव मनाते है। उस दिन की स्मृति में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1948 में मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया था। यह घोषणा हमारे समाजों के मानवाधिकार ढांचे की रीढ़ है, जहां हममें…

रामध्वज का प्रतीक वृक्ष : कोविदार या कचनार?

राम मंदिर पर स्थापित केसरिया ध्वज ने कोविदार वृक्ष के प्रतीक और उसकी प्राचीन परंपरा को फिर केंद्र में ला दिया है। रघुकुल के ध्वज से जुड़े इस वृक्ष को लेकर कचनार-कोविदार की पहचान, आयुर्वेदिक मतभेद और वैज्ञानिक अध्ययनों ने…

देश की रीढ़ अरावली : दर्द न जाने कोय

अरावली की जिस पर्वतमाला को बचाने के लिए नब्बे के दशक में समाज के साथ साक्षात सुप्रीम कोर्ट तक आगे आया था, आज उसके हाल बेहाल हैं। तरह-तरह की कोशिशों के बावजूद भारत की इस ‘रीढ़’ को बर्बाद किया जा…

अरावली विरासत जन अभियान : चार राज्यों के प्रतिनिधियों ने खनन रोकने और पर्यावरण संरक्षण पर उठाई बुलंद आवाज़

जयपुर, 8 दिसंबर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित “न्याय निर्माण मेला” के दौरान हुए “अरावली बचाओ सम्मेलन” में अरावली पर्वतमाला से जुड़े चार राज्यों—राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली—के साथ-साथ देशभर के अनेक क्षेत्रों से आए लोगों ने एक स्वर…

गणतंत्र दिवस से पहले इंदौर एकजुट : ‘झंडा ऊँचा रहे हमारा’ अभियान को मिला शहर का उत्साही समर्थन

कलेक्‍टर शिवम वर्मा की अध्‍यक्षता में हुई झंडा ऊँचा रहे हमारा अभियान की स्वागत समिति की बैठक में व्यापक चर्चा इंदौर, 7 दिसंबर। पिछले 23 वर्षों से लगातार गणतंत्र दिवस की बेला में ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा अभियान’ की प्रवर्तक…

शख्सियत समाचार

सर्वोदयी कार्यकर्ता रविन्द्र भाई का निधन

रायबरेली, 7 दिसंबर। उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ गांधीवादी कार्यकर्ता और चंबल घाटी शांति मिशन के लंबे समय तक सक्रिय सदस्य रहे रविन्द्र भाई का आज तड़के सुबह 5 बजे स्थानीय अस्पताल में निधन हो गया। वे…

घरेलू हिंसा का बढ़ता साया : घर की चुप्पी में दम तोड़ती आधी आबादी

भारत में घरेलू महिला हिंसा की ताज़ा तस्वीर गहरी चिंता पैदा करती है। WHO और NCRB के आँकड़े बताते हैं कि हर तीसरी महिला अपने ही साथी की हिंसा का शिकार होती है, लेकिन दर्ज मामले वास्तविक पीड़ा का छोटा…

डिजिटल शोहरत के पीछे छिपी त्रासदी : बच्चों की सुरक्षा बनाम मुनाफ़ा

राज्यसभा में सुधा मूर्ति की आवाज़ ने उस सच्चाई को उजागर कर दिया, जिसे समाज लंबे समय से टालता आ रहा था—डिजिटल दुनिया बच्चों के बचपन को निगल रही है। किडफ्लुएंसर संस्कृति की चमक के पीछे शोषण, दबाव, ट्रोलिंग और…

बोधि दिवस : आत्मज्ञान, जागृति और मानवीय उत्कृष्टता का उत्सव

8 दिसंबर मानव इतिहास की उस अद्वितीय जागृति का उत्सव है, जिसने सिद्धार्थ को बुद्ध बनाया और पूरी मानवता को करुणा, विवेक और आत्मज्ञान का मार्ग दिया। बोधि दिवस हमें यह समझाता है कि सदियों बाद भी शांति और सत्य…

‘स्मार्ट सिटी’ में डाटा : निजीकरण से कमाई

आजकल डाटा पूंजी के नए रूप की तरह उभरा है। मोबाइल का सामान्य उपयोग हमारे जीवन की जानकारियों, यानि डाटा को सार्वजनिक कर सकता है जिसे बाद में तरह-तरह के बाजारों में बेचा जा सकता है। एक दशक पहले देश…